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Haridwar News: संस्कृत और संस्कृति की गूंज के साथ वार्षिकोत्सव संपन्न
Tue, 17 Mar 2026 07:29 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Updated Tue, 17 Mar 2026 07:29 PM IST
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-खेल व सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में छात्रों ने दिखाया हुनर
हरिद्वार। श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में आयोजित त्रिदिवसीय वार्षिकोत्सव का मंगलवार को समापन हुआ। इस अवसर पर अखिल भारतीय संस्कृत शोध सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से आए विद्वानों और शोधार्थियों ने सहभागिता कर संस्कृत और भारतीय संस्कृति के विविध आयामों पर विचार रखे। सम्मेलन का विषय श्री शंकराचार्य की शास्त्रीय दृष्टि और भारतीय संस्कृति पर उनका प्रभाव रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. भोला झा ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में धर्म संघ, दिल्ली के अनंतश्री विभूषित स्वामी श्री परानंद महाराज मौजूद रहे। मुख्य वक्ता प्रो. रामप्रकाश वर्णी ने कहा कि आज सनातन धर्म जिस स्वरूप में विश्व में प्रतिष्ठित है, उसका श्रेय आदि शंकराचार्य को जाता है। इस दौरान वार्षिकोत्सव के दौरान हुईं विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। मौके पर डॉ. गौतम, डॉ. आशिमा, एम. नरेश भट्ट समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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हरिद्वार। श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में आयोजित त्रिदिवसीय वार्षिकोत्सव का मंगलवार को समापन हुआ। इस अवसर पर अखिल भारतीय संस्कृत शोध सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से आए विद्वानों और शोधार्थियों ने सहभागिता कर संस्कृत और भारतीय संस्कृति के विविध आयामों पर विचार रखे। सम्मेलन का विषय श्री शंकराचार्य की शास्त्रीय दृष्टि और भारतीय संस्कृति पर उनका प्रभाव रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. भोला झा ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में धर्म संघ, दिल्ली के अनंतश्री विभूषित स्वामी श्री परानंद महाराज मौजूद रहे। मुख्य वक्ता प्रो. रामप्रकाश वर्णी ने कहा कि आज सनातन धर्म जिस स्वरूप में विश्व में प्रतिष्ठित है, उसका श्रेय आदि शंकराचार्य को जाता है। इस दौरान वार्षिकोत्सव के दौरान हुईं विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। मौके पर डॉ. गौतम, डॉ. आशिमा, एम. नरेश भट्ट समेत अन्य लोग मौजूद रहे।