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शिक्षकों के फर्जीवाड़े में अलीगढ़ भेजी डिग्रियां
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Fri, 28 Oct 2016 10:19 PM IST
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प्राइमरी शिक्षकों के फर्जीवाड़े में बीटीसी की मार्कशीट और डोमिसाइल ही नहीं बल्कि बीटीसी के समकक्ष मौअल्लिम की डिग्री भी संदेह के दायरे में हैं। विभाग ने पांच शिक्षकों की मौअल्लिम की डिग्रियां अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी भेजा है।
बीटीसी की मार्कशीट व डोमिसाइल फर्जी पाए जाने पर 12 शिक्षकों को बर्खास्त करने के बाद विभाग ने 11 शिक्षकों के दस्तावेज जांच के लिए इलाहाबाद भेजे थे। चार दिन पहले उनकी रिपोर्ट आ गई है। जिनमें एक और शिक्षक के दस्तावेज फर्जी पाए जाने की पुष्टि हुई है। वहीं पांच शिक्षकों के दस्तावेज सही पाए जाने पर उन्हें क्लीन चिट मिली है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही उत्तराखंड गठन के बाद बीटीसी पास करने वाले चार शिक्षकों के दस्तावेज जांच के लिए रामनगर बोर्ड भेजे गए हैं। इनके अलावा कुछ ऐसे शिक्षक भी विभाग के रडार पर हैं, जिन्होंने भर्ती के समय बीटीसी की जगह मौअल्लिम की डिग्री का इस्तेमाल किया है।
शक होने पर विभाग ने पांच शिक्षकों की मौअल्लिम की डिग्रियां जांच के लिए अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को भेजी हैं। डीईओ बेसिक रामेेंद्र कुशवाहा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि चार शिक्षकों के दस्तावेज रामनगर और पांच शिक्षकों की मौअल्लिम की डिग्रियां जांच के लिए अलीगढ़ भेजी गई हैं।
बीटीसी की मार्कशीट व डोमिसाइल फर्जी पाए जाने पर 12 शिक्षकों को बर्खास्त करने के बाद विभाग ने 11 शिक्षकों के दस्तावेज जांच के लिए इलाहाबाद भेजे थे। चार दिन पहले उनकी रिपोर्ट आ गई है। जिनमें एक और शिक्षक के दस्तावेज फर्जी पाए जाने की पुष्टि हुई है। वहीं पांच शिक्षकों के दस्तावेज सही पाए जाने पर उन्हें क्लीन चिट मिली है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही उत्तराखंड गठन के बाद बीटीसी पास करने वाले चार शिक्षकों के दस्तावेज जांच के लिए रामनगर बोर्ड भेजे गए हैं। इनके अलावा कुछ ऐसे शिक्षक भी विभाग के रडार पर हैं, जिन्होंने भर्ती के समय बीटीसी की जगह मौअल्लिम की डिग्री का इस्तेमाल किया है।
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शक होने पर विभाग ने पांच शिक्षकों की मौअल्लिम की डिग्रियां जांच के लिए अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को भेजी हैं। डीईओ बेसिक रामेेंद्र कुशवाहा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि चार शिक्षकों के दस्तावेज रामनगर और पांच शिक्षकों की मौअल्लिम की डिग्रियां जांच के लिए अलीगढ़ भेजी गई हैं।
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