{"_id":"576c2c884f1c1b0f32b48215","slug":"tamil-kavi-kee-moorti-lagaane-ka-virodh-resist-imposing-statue-of-tamil-poet","type":"story","status":"publish","title_hn":"तमिल कवि की मूर्ति लगाने का विरोध ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तमिल कवि की मूर्ति लगाने का विरोध
hridwar uttrakhanda india
Updated Fri, 24 Jun 2016 12:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरिद्वार। गंगा तट पर तमिल के जाने माने कवि थिरुवल्लुवर की मूर्ति लगाने की एक ओर जहां तैयारियां की जा रही हैं, वहीं इसका विरोध भी शुरू हो गया है। अखिल भारतीय युवा तीर्थ पुरोहित महासभा ने तमिल कवि की मूर्ति लगाने का विरोध किया है। चेतावनी दी कि गंगा तट पर किसी सूरत में भी मूर्ति स्थापित नहीं होने दी जाएगी।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार एक भाजपा नेता पर्दे के पीछे रहकर हरकी पैड़ी के पास गंगा तट पर तमिल कवि थिरुवल्लुवर की मूर्ति लगाने की तैयारी कर रहे हैं। इस मामले की जानकारी लगते ही अखिल भारतीय युवा तीर्थ पुरोहित महासभा ने बैठक बुलाई। बैठक में महासभा के अध्यक्ष उज्जवल पंडित ने कहा कि मां गंगा के तट पर देवी देवताओं की मूर्तियां शोभा देती हैं। किसी व्यक्ति विशेष की मूर्ति लगवाने का कोई औचित्य नहीं है। नई परंपरा की शुरूआत होने से देश के अलग-अलग कोने से ऐसी प्रतिमाएं गंगातट पर लगवाने की मांग उठेगी। उपाध्यक्ष सौरभ शिवपुरी व शैलेष मोहन ने कहा कि कवि की मूर्ति लगने से महापुरुषों की मूर्तियां गंगा तट पर लगाने की होड़ मच जाएगी। बैठक में सचिव अंकुर पालीवाल, सचिन लुतिया, विश्वास शिवपुरी, पंकज अधिकारी, निकुंज खेवड़िया, आदित्य शर्मा, सिद्धार्थ त्रिपाठी, दिनेश गोस्वामी, अंकित, विनय श्रोत्रिय, अनिमेश, गौरव झा आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन