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Haridwar News: विद्यापीठ की भूमि पर अतिक्रमण देख बिफरीं सिटी मजिस्ट्रेट
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I निरीक्षण कर भूमि को संरक्षित करने के दिए निर्देश, 15 दिन में मांगा संपत्ति का ब्याेराI
ऋषिकुल विद्यापीठ के खाली पड़े तमाम प्लॉट पर अवैध कब्जे की शिकायत का संज्ञान लेते हुए सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान मौके पर पहुंचीं। उन्होंने भूमि को संरक्षित करने के निर्देश देते हुए विद्या पीठ के प्रधानाचार्य से 15 दिन के अंदर किरायेदारों का सत्यापन करने और विवरण प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने भूमि पर अवैध कब्जे की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी।
सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान ने विकास कॉलोनी स्थित पार्क पर चहारदीवारी कराने के लिए आश्रम के प्रधानाचार्य से प्रस्ताव मांगा। उन्होंने कुछ लोगों की ओर से किए गए कब्जे को तत्काल हटाने के निर्देश भी दिए। कुश्म चौहान ने विद्या पीठ के प्रधानाचार्य और अन्य को फटकार भी लगाई। उन्होंने भूमि की मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट लिखित में देने को कहा। बता दें कि न्यायालय में विचाराधीन वाद के चलते ऋषिकुल विद्यापीठ ब्रह्मचर्य आश्रम की संपत्ति के संरक्षण के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। इसके प्रशासक के तौर पर जिलाधिकारी और सचिव के रूप में नगर मजिस्ट्रेट को नामित किया गया है।
बीते वर्षों में इस जमीन पर कई तरह के अतिक्रमण होते गए, लेकिन प्रशासन की ओर से इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज कैंपस के बगल में स्थित खाली भूमि पर एक तरफ प्राइवेट बसों के संचालन के लिए किराये पर स्टैंड संचालित हो रहा है। वहींए दूसरी तरफ बड़े आयोजन किए जाते हैं। इसके लिए शुल्क निर्धारित किया हुआ है।
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Iविद्यापीठ में 98 किरायेदार 91 ही देते हैं किरायाI
सिटी मजिस्ट्रेट को प्रधानाचार्य ने बताया कि पूर्व में मिले निर्देश के क्रम में उन्होंने किरायेदारों का सत्यापन किया। रिपोर्ट में मिला कि कुल 98 किरायेदार विद्यापीठ के परिसर में हैं। इनमें से 91 लोग ही किराया जमा करते हैं। सिटी मजिस्ट्रेट ने 15 दिन के भीतर सभी किरायेदारों का सत्यापन करने के लिए कहा। किरायेदारों का पेशा और कब से वह भवन में रह रहे हैं, इसका ब्योरा भी मांगा। उन्होंने किरायेदारों की ओर से किए गए अवैध निर्माण को हटाने के भी निर्देश दिए।
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ऋषिकुल विद्यापीठ के खाली पड़े तमाम प्लॉट पर अवैध कब्जे की शिकायत का संज्ञान लेते हुए सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान मौके पर पहुंचीं। उन्होंने भूमि को संरक्षित करने के निर्देश देते हुए विद्या पीठ के प्रधानाचार्य से 15 दिन के अंदर किरायेदारों का सत्यापन करने और विवरण प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने भूमि पर अवैध कब्जे की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी।
सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान ने विकास कॉलोनी स्थित पार्क पर चहारदीवारी कराने के लिए आश्रम के प्रधानाचार्य से प्रस्ताव मांगा। उन्होंने कुछ लोगों की ओर से किए गए कब्जे को तत्काल हटाने के निर्देश भी दिए। कुश्म चौहान ने विद्या पीठ के प्रधानाचार्य और अन्य को फटकार भी लगाई। उन्होंने भूमि की मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट लिखित में देने को कहा। बता दें कि न्यायालय में विचाराधीन वाद के चलते ऋषिकुल विद्यापीठ ब्रह्मचर्य आश्रम की संपत्ति के संरक्षण के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। इसके प्रशासक के तौर पर जिलाधिकारी और सचिव के रूप में नगर मजिस्ट्रेट को नामित किया गया है।
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बीते वर्षों में इस जमीन पर कई तरह के अतिक्रमण होते गए, लेकिन प्रशासन की ओर से इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज कैंपस के बगल में स्थित खाली भूमि पर एक तरफ प्राइवेट बसों के संचालन के लिए किराये पर स्टैंड संचालित हो रहा है। वहींए दूसरी तरफ बड़े आयोजन किए जाते हैं। इसके लिए शुल्क निर्धारित किया हुआ है।
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Iविद्यापीठ में 98 किरायेदार 91 ही देते हैं किरायाI
सिटी मजिस्ट्रेट को प्रधानाचार्य ने बताया कि पूर्व में मिले निर्देश के क्रम में उन्होंने किरायेदारों का सत्यापन किया। रिपोर्ट में मिला कि कुल 98 किरायेदार विद्यापीठ के परिसर में हैं। इनमें से 91 लोग ही किराया जमा करते हैं। सिटी मजिस्ट्रेट ने 15 दिन के भीतर सभी किरायेदारों का सत्यापन करने के लिए कहा। किरायेदारों का पेशा और कब से वह भवन में रह रहे हैं, इसका ब्योरा भी मांगा। उन्होंने किरायेदारों की ओर से किए गए अवैध निर्माण को हटाने के भी निर्देश दिए।