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स्वामी शिवानंद ने जल त्यागा
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Wed, 02 Mar 2016 12:15 AM IST
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हरिद्वार। अनशनरत ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद को प्रशासन की ओर से जबरन उठाकर देहरादून स्थित दून अस्पताल में भर्ती कराने के बाद स्वामी शिवानंद सरस्वती का अनशन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान उन्होंने प्रशासन पर आत्मबोधानंद की हत्या की साजिश के साथ मातृसदन को नष्ट करने की साजिश का आरोप मुख्यमंत्री हरीश रावत पर लगाया। स्वामी शिवानंद सरस्वती ने मंगलवार से जल त्याग दिया है। उन्होंने प्रशासन से कोई भी वार्ता नहीं करने का ऐलान कर दिया है।
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15 फरवरी से अनशन कर रहे ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद को प्रशासन ने सोमवार देर रात जबरन उठाकर पहले ऋषिकेश स्थित एम्स अस्पताल ले जाया गया था। लेकिन वहां जब चिकित्सकों ने उन्हें भर्ती नहीं किया तो देहरादून स्थित दून अस्पताल में भर्ती कराया। इधर, मंगलवार को मातृसदन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए स्वामी शिवानंद सरस्वती ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने स्टोन क्रशर मालिकों और खनन माफिया के साथ मिलकर मातृसदन को नष्ट करने की साजिश रची थी। इसके लिए 21 जनवरी को देहरादून में दोनों पक्षों के बीच वार्ता भी हुई। इस दौरान ढाई करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। इसके बाद से अगले दिन मुख्यमंत्री ने मातृसदन के खिलाफ बयान दिया। तीन बार मातृसदन पर हमले की अलग-अलग साजिश रची गई। लेकिन तीनों ही बार उन्हें समय रहते पता चल गया और साजिश सफल नहीं हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री पर अपनी बातों से मुकरने, कुंभ क्षेत्र के विस्तार के लिए जारी किया गया शासनादेश गायब कराने समेत कई गंभीर आरोप लगाए। चेतावनी दी अब वह जल भी ग्रहण नहीं करेंगे। शासन-प्रशासन से भी कोई वार्ता नहीं करेंगे। कुंभ क्षेत्र के विस्तार की मांग को लेकर उन्होंने संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया। आरोप लगाया कि स्वास्थ्य संबंधी झूठे आरोप लगाकर आत्मबोधानंद को जबरन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने रुड़की से मेडिकल परीक्षण करने आए एक चिकित्सक की मंशा पर भी सवाल उठाए। आशंका जताई कि प्रशासन आत्मबोधानंद सरस्वती की हत्या करा सकता है।
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सुरक्षा को जताया खतरा
स्वामी शिवानंद सरस्वती ने आरोप लगाया कि दो दिन से बाइकसवार दो संदिग्ध युवक मातृसदन में आ रहे हैं। 28 फरवरी की शाम आरती के समय दो युवक आश्रम में पहुंचे। लेकिन सुरक्षाकर्मी के आने से पहले वह भाग निकले। 29 फरवरी को सुबह करीब साढ़े दस बजे जब वह स्नान के लिए गंगाघाट पर पहुंचे तो फिर बाइकसवार युवक पहुंच गए। गंगाघाट पर घूमने लगे लेकिन संयोगवश वे सोमवार को निर्धारित समय पर गंगास्नान के लिए नहीं गए अन्यथा कोई घटना हो सकती थी। उनके सुरक्षाकर्मी ने जब दोनों युवकों की पहचान कर पीछा किया तो वह भाग निकले। इसके बारे में अधिकारियों को सूचित कर दिया है। स्वामी शिवानंद सरस्वती ने प्रशासन पर उनकी सुरक्षा में तैनात एक पुलिसकर्मी को साजिशन फायरिंग के प्रशिक्षण के बहाने सोमवार को रुड़की भेजने का आरोप लगाया।
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