{"_id":"591744474f1c1bb737854f60","slug":"stops-will-not-stop-if-the-accused-gets-arrested","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर ठप करेंगे पढ़ाई ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर ठप करेंगे पढ़ाई
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Sat, 13 May 2017 11:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी से छेड़छाड़ के आरोपी भाजपा नेता की गिरफ्तारी की मांग जोर पकड़ रही है। अब जनपद के सभी शिक्षक संगठनों ने सरकारी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था ठप करने की चेतावनी दे डाली है। शिक्षक महासंघ के बैनर तले जिले भर के संगठनों ने रोशनाबाद पहुंचकर प्रभारी सीईओ को समर्थन दिया और एसएसपी को ज्ञापन देकर आरोपी नवनीत परमार की गिरफ्तारी की मांग दोहराई। शिक्षकों और विभाग के कर्मचारियों ने साफ किया है कि दो दिन में आरोपी को गिरफ्तार नहीं होने पर कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
प्रभारी सीईओ डा. पुष्पा रानी वर्मा के दफ्तर में घुसकर अभद्रता और छेड़छाड़ के आरोप में भाजपा नेता नवनीत परमार के खिलाफ सिडकुल थाने में मुकदमा दर्ज है। हालांकि कई दिन बाद भी पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। शनिवार को शिक्षक महासंघ के बैनर तले सभी शिक्षक संगठन और एजुकेशन मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन व उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रीयल सर्विसेज के पदाधिकारियों ने प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी डा. पुष्पा रानी वर्मा से घटना की जानकारी ली और उन्हें पूर्ण सहयोग व समर्थन का भरोसा दिलाया। शिक्षक व कर्मचारी नेताओं ने कहा कि घटना को अंजाम देने वाला आरोपी किसी सूरत क्षमा योग्य नहीं है।
महासंघ के पदाधिकारियों ने एसएसपी को ज्ञापन देकर दो दिन में आरोपी की गिरफ्तारी की मांग दोहराई। महासंघ के अध्यक्ष अशोक चौहान और महामंत्री राजेश सैनी ने कहा कि दो दिन में गिरफ्तारी नहीं होने पर बैठक कर कार्यबहिष्कार की रणनीति बनाई जाएगी। इस मौके पर प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अशोक चौहान, महामंत्री जितेंद्र चौधरी, जूनियर शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह चौहान, माध्यमिक शिक्षक संघ के मंत्री राजेश सैनी, उपाध्यक्ष प्रदीप त्यागी, कोषाध्यक्ष विजय वर्मा, राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष बालेश चौधरी, बीएसएम इंटर कालेज के प्रधानाचार्य अरुण सिंह, बीईओ बहादराबाद अजय चौधरी, जोगेंद्र लाल, नरेश कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय से अशोक कुमार, शैलेन्द्र सिंह, नरेश शर्मा, उमेश यादव, सतीश चौहान, बृजमोहन भगत, रश्मि शर्मा, देवेन्द्र शर्मा, विक्रम रावत, मुकेश शर्मा आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
पूरे प्रकरण में दबाव की राजनीति हावी
भाजपा नेता के खिलाफ घटना के फौरन बाद मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। इसके बावजूद पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पा रही है। इसके पीछे कहीं न कहीं दबाव की बात सामने आ रही है। सूत्र बताते हैं कि दबाव के चलते ही पुलिस को घटना की वीडियो क्लिप ढूंढने में लगाया गया है। साथ ही प्रभारी सीईओ डा. वर्मा पर भी केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है।
प्रभारी सीईओ डा. पुष्पा रानी वर्मा के दफ्तर में घुसकर अभद्रता और छेड़छाड़ के आरोप में भाजपा नेता नवनीत परमार के खिलाफ सिडकुल थाने में मुकदमा दर्ज है। हालांकि कई दिन बाद भी पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। शनिवार को शिक्षक महासंघ के बैनर तले सभी शिक्षक संगठन और एजुकेशन मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन व उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रीयल सर्विसेज के पदाधिकारियों ने प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी डा. पुष्पा रानी वर्मा से घटना की जानकारी ली और उन्हें पूर्ण सहयोग व समर्थन का भरोसा दिलाया। शिक्षक व कर्मचारी नेताओं ने कहा कि घटना को अंजाम देने वाला आरोपी किसी सूरत क्षमा योग्य नहीं है।
विज्ञापन
महासंघ के पदाधिकारियों ने एसएसपी को ज्ञापन देकर दो दिन में आरोपी की गिरफ्तारी की मांग दोहराई। महासंघ के अध्यक्ष अशोक चौहान और महामंत्री राजेश सैनी ने कहा कि दो दिन में गिरफ्तारी नहीं होने पर बैठक कर कार्यबहिष्कार की रणनीति बनाई जाएगी। इस मौके पर प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अशोक चौहान, महामंत्री जितेंद्र चौधरी, जूनियर शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह चौहान, माध्यमिक शिक्षक संघ के मंत्री राजेश सैनी, उपाध्यक्ष प्रदीप त्यागी, कोषाध्यक्ष विजय वर्मा, राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष बालेश चौधरी, बीएसएम इंटर कालेज के प्रधानाचार्य अरुण सिंह, बीईओ बहादराबाद अजय चौधरी, जोगेंद्र लाल, नरेश कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय से अशोक कुमार, शैलेन्द्र सिंह, नरेश शर्मा, उमेश यादव, सतीश चौहान, बृजमोहन भगत, रश्मि शर्मा, देवेन्द्र शर्मा, विक्रम रावत, मुकेश शर्मा आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
पूरे प्रकरण में दबाव की राजनीति हावी
भाजपा नेता के खिलाफ घटना के फौरन बाद मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। इसके बावजूद पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पा रही है। इसके पीछे कहीं न कहीं दबाव की बात सामने आ रही है। सूत्र बताते हैं कि दबाव के चलते ही पुलिस को घटना की वीडियो क्लिप ढूंढने में लगाया गया है। साथ ही प्रभारी सीईओ डा. वर्मा पर भी केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है।