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स्टेट में मौका नहीं, ख्वाब ओलंपिक के

Thu, 08 Sep 2016 11:01 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार Updated Thu, 08 Sep 2016 11:01 PM IST
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फुटबाल में पिछले साल स्टेट चैंपियन रही हरिद्वार की टीम इस बार स्टेट चैंपियनशिप में भाग नहीं ले पाई। कमाल की बात यह है कि विभाग अपनी लापरवाही पर पर्दा डालने के लिए अब खिलाड़ियों को जिम्मेदार ठहरा रहा है। अफसरों का तर्क है कि फुटबाल खिलाड़ी खुद पिथौरागढ़ नहीं जाना चाहते थे। जबकि हकीकत यह है कि स्टेट चैंपियनशिप बृहस्पतिवार को शुरू हुई और हरिद्वार में जिले की प्रतियोगिता ही बुधवार को संपन्न हुई। बड़ा सवाल यह है कि खेल प्रतिभाएं अपने स्टेट की प्रतियोगिताओं तक नहीं पहुंच पाएंगी, तो ओलंपिक जैसे आयोजनों में देश को मेडल मिलने की उम्मीद भला कैसे की जा सकती है।
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जिले के सरकारी स्कूलों में खेलों को लेकर विभाग की गंभीरता का हाल यह है कि प्रदेश की प्रतियोगिताएं सिर पर आने के बाद जिले में प्रतियोगिताओं की औपचारिकता निभाई जाती है। शिक्षा विभाग की सुस्ती और लापरवाही का ताजा नमूना स्टेट फुटबाल चैंपियनशिप में जिले की गैरहाजिरी से सामने आया है। पिथौरागढ़ में बृहस्पतिवार को स्टेट चैंपियनशिप शुरू हुई। मगर यहां जिले की प्रतियोगिताएं ही बुधवार को शांतिकुंज में संपन्न हुई।
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दरअसल जिले में फुटबाल टीम चयन की प्रक्रिया ही कुछ हफ्ते पहले शुरू हुई। यह हाल तब है जब हरिद्वार की टीम ने पिछले साल चैंपियनशिप जीतने के बाद नेशनल चैंपियनशिप में प्रतिभाग किया था। इसके बावजूद विभाग ने समय से टीम चयन में दिलचस्पी नहीं दिखाई। नतीजतन प्रदेश के सबसे बड़े जनपद की कई फुटबाल प्रतिभाएं इस बार फिर जिले में ही सिमट कर रह गई।
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संकुल और ब्लाक की प्रतियोगिताएं हुई नहीं
विभाग ने स्टेट फुटबाल चैंपियनशिप को लेकर कितनी गंभीरता दिखाई, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि संकुल व ब्लाक लेवल पर प्रतियोगिता कराई ही नहीं गई। जिले से टीम चयन की औपचारिकता पूरी करने के लिए सीधे जिला स्तर पर प्रतियोगिता कराते हुए टीम को चुना गया।

 खेल कैलेंडर न चिट्ठी पर पत्रांक
जिले की टीम चुनने के लिए जिला खेल समन्वयक बालेश चौधरी की ओर से प्रधानाचार्यों और खेल शिक्षकों को वाट्सएप से सूचना भेजी गई। जिसमें उन्हें सात सितंबर को अपनी अपनी टीमें शांतिकुंज भेजने को कहा गया। वहीं बताया गया है कि डीईओ माध्यमिक की ओर से इस संबंध में एक सितंबर को सभी बीईओ को जो चिट्ठी भेजी गई, उसमें पत्रांक तक नहीं था। इससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।


फुटबाल टीम चयन की प्रक्रिया समय से शुरू की गई थी, लेकिन खिलाड़ी पिथौरागढ़ जाना ही नहीं चाहते थे। कबड्डी सहित बाकी टीमें स्टेट में खेलने गई हैं। पिछले दिनों खेल समन्वयक बदलने के कारण गलत फीड बैक दिया जा रहा है।
- डा. पुष्पा रानी वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) हरिद्वार
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