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हरकी पैड़ी के मंदिरों की बिजली भी कराई बंद
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Mon, 08 Feb 2016 11:30 PM IST
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हरिद्वार। अर्द्धकुंभ मेले में भले ही हरकी पैड़ी से लेकर आसपास का पूरा क्षेत्र रंग बिरंगी रोशनी से नहा रहा हो लेकिन मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर तड़के चार बजे पुलिस ने जबरन मंदिरों की बिजली बंद करा दी। यही नहीं फिर कपाट भी बंद कर दिए गए। पुजारियों से पुलिस की नोंकझोंक भी हुई। सूर्यदेव के उदय होने पर ही पुलिस ने कपाट खोलने दिए तब ही श्रद्धालु दर्शन कर पाए।
सोमवार तड़क में हरकी पैड़ी समेत प्रमुख गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ने लगा था। हरकी पैड़ी पर भीड़ रुकने न पाए इसलिए ही पुलिस ने मंदिरों के कपाट बंद कराना शुरू किए। आनन फानन में बड़ी संख्या में पुलिसवाले सीधे मंदिरों की चौखट पर पहुंचने लगे और पुजारियों से मंदिरों के कपाट बंद करने को कहा। कई पुजारियों ने इसका विरोध भी करना चाहा लेकिन पुलिस के आगे उनकी एक न चली। मंदिरों के कपाट ही बंद नहीं करवाए बल्कि बिजली भी बंदा करा दी गई ताकि श्रद्धालु वहां ठहर ही न पाए। पुलिस की इस कार्यशैली से पुजारी भड़कते रहे और पुलिस से उलझते रहे। उन्होंने मंदिरों के कपाट खोलने ही नहीं दिए। भोर होने पर ही पुजारियों ने मंदिरों के कपाट खोले तब कही जाकर श्रद्धालुओं ने मंदिरों में माथा टेका।
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सोमवार तड़क में हरकी पैड़ी समेत प्रमुख गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ने लगा था। हरकी पैड़ी पर भीड़ रुकने न पाए इसलिए ही पुलिस ने मंदिरों के कपाट बंद कराना शुरू किए। आनन फानन में बड़ी संख्या में पुलिसवाले सीधे मंदिरों की चौखट पर पहुंचने लगे और पुजारियों से मंदिरों के कपाट बंद करने को कहा। कई पुजारियों ने इसका विरोध भी करना चाहा लेकिन पुलिस के आगे उनकी एक न चली। मंदिरों के कपाट ही बंद नहीं करवाए बल्कि बिजली भी बंदा करा दी गई ताकि श्रद्धालु वहां ठहर ही न पाए। पुलिस की इस कार्यशैली से पुजारी भड़कते रहे और पुलिस से उलझते रहे। उन्होंने मंदिरों के कपाट खोलने ही नहीं दिए। भोर होने पर ही पुजारियों ने मंदिरों के कपाट खोले तब कही जाकर श्रद्धालुओं ने मंदिरों में माथा टेका।
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