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एसआईटी ने संभाली धर्म संसद मामले की जांच
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उत्तरी हरिद्वार खड़खड़ी स्थित वेद निकेतन में पिछले महीने हुई धर्म संसद में भड़काऊ भाषण
मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने शनिवार से जांच शुरू कर दी है। डीजीपी अशोक कुमार ने बिना किसी दबाव के कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
वेद निकेतन में 17 से 19 दिसंबर तक तीन दिन धर्म संसद हुई थी। जिसमें एक संप्रदाय विशेष के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने का आरोप है। भड़काऊ भाषण का वीडियो वायरल होने के बाद शहर कोतवाली में ज्वालापुर निवासी दो युवकों ने उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जांच के बाद पुलिस ने चार संतों के नाम भी मुकदमे में जोड़े थे। इसके बाद दूसरा मुकदमा दर्ज हुआ।
दो मुकदमे दर्ज होने के बाद डीजीपी अशोक कुमार के निर्देश पर गढ़वाल डीआईजी ने एसआईटी टीम का गठन किया। टीम का नेतृत्व एसपी देहरादून ग्रामीण कमलेश उपाध्याय नेतृत्व कर रही हैं। एसआईटी ने अब दर्ज किए गए मुकदमे की एफआईआर और वीडियो को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। एसआईटी के विवेचक मनीष उपाध्याय ने बताया कि जांच के बाद जो तथ्य सामने आएगा रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
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मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने शनिवार से जांच शुरू कर दी है। डीजीपी अशोक कुमार ने बिना किसी दबाव के कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
वेद निकेतन में 17 से 19 दिसंबर तक तीन दिन धर्म संसद हुई थी। जिसमें एक संप्रदाय विशेष के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने का आरोप है। भड़काऊ भाषण का वीडियो वायरल होने के बाद शहर कोतवाली में ज्वालापुर निवासी दो युवकों ने उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जांच के बाद पुलिस ने चार संतों के नाम भी मुकदमे में जोड़े थे। इसके बाद दूसरा मुकदमा दर्ज हुआ।
दो मुकदमे दर्ज होने के बाद डीजीपी अशोक कुमार के निर्देश पर गढ़वाल डीआईजी ने एसआईटी टीम का गठन किया। टीम का नेतृत्व एसपी देहरादून ग्रामीण कमलेश उपाध्याय नेतृत्व कर रही हैं। एसआईटी ने अब दर्ज किए गए मुकदमे की एफआईआर और वीडियो को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। एसआईटी के विवेचक मनीष उपाध्याय ने बताया कि जांच के बाद जो तथ्य सामने आएगा रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
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