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खोखा बाजार सजाने की मंशा को झटका
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Fri, 19 May 2017 10:37 PM IST
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रेलवे रोड के नाले के ऊपर खोखा बाजार बनाने की नगर निगम की योजना पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। नगर निगम बोर्ड में नेता प्रतिपक्ष उपेंद्र कुमार की ओर से दायर की गई जनहित याचिका पर हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने नाले पर फिर से खोखे लगवाने की योजना के क्रियान्वयन पर 31 मई तक रोक लगा दी है।
वर्ष 2010 में अतिक्रमण मानकर हटाए गए खोखों के स्वामियों को अभी तक प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी विकल्प नहीं दे पाया है। अब नगर निगम बोर्ड की ओर से दोबारा उसी स्थान पर खोखे लगाकर लोगों को अस्थायी तौर पर रोजगार देने के नाम पर वहीं खोखे लगवाने की तैयारी कर ली गई है। इन दिनों मेयर मनोज गर्ग के मुख्य सलाहकार पूर्व सभासद सुभाष चंद की अगुवाई में 222 खोखे लगवाने की प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन नेता प्रतिपक्ष उपेंद्र कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर खोखा योजना का चुनौती दी थी। उनका कहना है कि जब इन खोखों को अतिक्रमण मानकर हटाया गया था तो अब ये दोबारा यहां कैसे लगाए जा सकते हैं। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने इस योजना के क्रियान्वयन पर 31 मई तक के लिए रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने इस दौरान नगर निगम को केवल खोखा लगाने की कागजी प्रक्रिया को जारी रखने की छूट प्रदान की है।
उपेंद्र कुमार ने नैैनीताल से फोन पर 31 मई तक नाले पर खोखे लगवाने की योजना पर रोक लगाने के आदेश की जानकारी देते हुए बताया कि सच्चाई की जीत हुई है। अब नगर निगम 24 मई को लाटरी निकालकर नाले पर खोखे की जगह अलाट नहीं कर पाएगा।
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समिति स्थायी विकल्प की मांग करेगी
लघु व्यापारी समिति के अध्यक्ष चोखेलाल ने बताया कि हाईकोर्ट के स्टे के बाद नगर निगम अब 31 मई तक अलाटमेंट नहीं कर पाएगा। 24 मई को जिन लोगों ने खोखे लगाने के लिए पैसा जमा कर रसीद कटवाई है उनकी लाटरी डाली जाएगी। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट से उन्हें भी नोटिस प्राप्त हुआ है, इसलिए अगली 31 मई की सुनवाई में लघु व्यापारिक समिति भी पक्षकार बनकर हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार स्थायी विकल्प उपलब्ध कराने की मांग करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि 28 पार्षदों ने छद्म नामों ने आवेदन कर रखा है और कई पार्षदों ने तो दो-दो आवेदन कर रखे हैं। कुछ अधिकारी ने भी फर्जी नामों से भी खोखा लगाने के लिए आवेदन कर रखा है।
नियमानुसार हो कार्यवाही
शासन के उप सचिव डीएमएस राणा ने प्रकरण के संबंध में नगर आयुक्त 16 मई को पत्र मुख्य सचिव की ओर पत्र भेज कर देवपुरा से ललतारौ तक अवैध अतिक्रमण हटाने के संबंध में नियमानुसार कार्यवाही करने को कहा है। राष्ट्रीय सूचना अधिकारी जागृति मिशन के अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा की नाले पर अतिक्रमण कराने की योजना की शिकायत पर उक्त आदेश दिया गया है । रमेश चंद्र शर्मा ने मांग की है कि रोडवेज व रेलवे स्टेशन जैसे भीड़ भाड़ वाले क्षेत्र के नाले पर पैदल आने जाने के लिए फुटपाथ बनाया जाए।
उच्च न्यायालय के निर्णय के बारे में कहा कि न्यायालय का निर्णय स्वागत योग्य है। इसका पालन किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया से जनता का हित नहीं चाहने वाले बेनकाब हो गए हैं। नगर निगम बोर्ड ऐसे लोगों को रोजगार देने का प्रयास कर रहा है जो बेरोजगार हो गए थे। इसी वजह से फिलहाल अस्थायी तौर पर यह योजना बनाई गई थी।
- मनोज गर्ग, मेयर
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वर्ष 2010 में अतिक्रमण मानकर हटाए गए खोखों के स्वामियों को अभी तक प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी विकल्प नहीं दे पाया है। अब नगर निगम बोर्ड की ओर से दोबारा उसी स्थान पर खोखे लगाकर लोगों को अस्थायी तौर पर रोजगार देने के नाम पर वहीं खोखे लगवाने की तैयारी कर ली गई है। इन दिनों मेयर मनोज गर्ग के मुख्य सलाहकार पूर्व सभासद सुभाष चंद की अगुवाई में 222 खोखे लगवाने की प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन नेता प्रतिपक्ष उपेंद्र कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर खोखा योजना का चुनौती दी थी। उनका कहना है कि जब इन खोखों को अतिक्रमण मानकर हटाया गया था तो अब ये दोबारा यहां कैसे लगाए जा सकते हैं। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने इस योजना के क्रियान्वयन पर 31 मई तक के लिए रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने इस दौरान नगर निगम को केवल खोखा लगाने की कागजी प्रक्रिया को जारी रखने की छूट प्रदान की है।
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उपेंद्र कुमार ने नैैनीताल से फोन पर 31 मई तक नाले पर खोखे लगवाने की योजना पर रोक लगाने के आदेश की जानकारी देते हुए बताया कि सच्चाई की जीत हुई है। अब नगर निगम 24 मई को लाटरी निकालकर नाले पर खोखे की जगह अलाट नहीं कर पाएगा।
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समिति स्थायी विकल्प की मांग करेगी
लघु व्यापारी समिति के अध्यक्ष चोखेलाल ने बताया कि हाईकोर्ट के स्टे के बाद नगर निगम अब 31 मई तक अलाटमेंट नहीं कर पाएगा। 24 मई को जिन लोगों ने खोखे लगाने के लिए पैसा जमा कर रसीद कटवाई है उनकी लाटरी डाली जाएगी। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट से उन्हें भी नोटिस प्राप्त हुआ है, इसलिए अगली 31 मई की सुनवाई में लघु व्यापारिक समिति भी पक्षकार बनकर हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार स्थायी विकल्प उपलब्ध कराने की मांग करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि 28 पार्षदों ने छद्म नामों ने आवेदन कर रखा है और कई पार्षदों ने तो दो-दो आवेदन कर रखे हैं। कुछ अधिकारी ने भी फर्जी नामों से भी खोखा लगाने के लिए आवेदन कर रखा है।
नियमानुसार हो कार्यवाही
शासन के उप सचिव डीएमएस राणा ने प्रकरण के संबंध में नगर आयुक्त 16 मई को पत्र मुख्य सचिव की ओर पत्र भेज कर देवपुरा से ललतारौ तक अवैध अतिक्रमण हटाने के संबंध में नियमानुसार कार्यवाही करने को कहा है। राष्ट्रीय सूचना अधिकारी जागृति मिशन के अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा की नाले पर अतिक्रमण कराने की योजना की शिकायत पर उक्त आदेश दिया गया है । रमेश चंद्र शर्मा ने मांग की है कि रोडवेज व रेलवे स्टेशन जैसे भीड़ भाड़ वाले क्षेत्र के नाले पर पैदल आने जाने के लिए फुटपाथ बनाया जाए।
उच्च न्यायालय के निर्णय के बारे में कहा कि न्यायालय का निर्णय स्वागत योग्य है। इसका पालन किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया से जनता का हित नहीं चाहने वाले बेनकाब हो गए हैं। नगर निगम बोर्ड ऐसे लोगों को रोजगार देने का प्रयास कर रहा है जो बेरोजगार हो गए थे। इसी वजह से फिलहाल अस्थायी तौर पर यह योजना बनाई गई थी।
- मनोज गर्ग, मेयर