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Haridwar News: वन गुज्जर बस्तियों में पौधरोपण कर मनाया गया सेला पर्व
Wed, 22 Jul 2026 06:08 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Updated Wed, 22 Jul 2026 06:08 PM IST
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- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित किया गया कार्यक्रम
- अधिकार मित्रों और विधि प्रशिक्षुओं ने कार्यक्रम में लिया हिस्सा
रोशनाबाद। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बुधवार को नवोदय नगर रोशनाबाद की वन गुज्जर बस्तियों में पौधरोपण कर सेला पर्व मनाया। यह आयोजन राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देशानुसार किया गया। जनपद न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष नरेंद्र दत्त के निर्देशन में कार्यक्रम के दौरान अधिकार मित्रों और विधि प्रशिक्षुओं ने प्रतिभाग किया। प्राधिकरण की सचिव और सिविल जज सीनियर डिविजन सिमरनजीत कौर ने बताया कि सेला पर्व वन गुज्जरों का एक पारंपरिक त्योहार है। वे इसे प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के लिए मनाते हैं। इस दौरान लगाए गए पौधों की देखभाल और संरक्षण भी वन गुज्जरों की ओर से किया जाता है। इससे पर्यावरण संतुलन बना रहता है और वन्य जीव-जंतुओं को भी संरक्षण मिलता है। सेला पर्व वन गुज्जर समुदाय की प्रकृति के प्रति गहरी आस्था को दर्शाता है। यह त्योहार उन्हें पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करता है। पौधरोपण के माध्यम से वे हरियाली बढ़ाने में योगदान देते हैं। इन पौधों की निरंतर देखभाल से स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होता है। यह पहल वन्यजीवों के आवास और जीवन को भी सुरक्षित करती है।
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- अधिकार मित्रों और विधि प्रशिक्षुओं ने कार्यक्रम में लिया हिस्सा
रोशनाबाद। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बुधवार को नवोदय नगर रोशनाबाद की वन गुज्जर बस्तियों में पौधरोपण कर सेला पर्व मनाया। यह आयोजन राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देशानुसार किया गया। जनपद न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष नरेंद्र दत्त के निर्देशन में कार्यक्रम के दौरान अधिकार मित्रों और विधि प्रशिक्षुओं ने प्रतिभाग किया। प्राधिकरण की सचिव और सिविल जज सीनियर डिविजन सिमरनजीत कौर ने बताया कि सेला पर्व वन गुज्जरों का एक पारंपरिक त्योहार है। वे इसे प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के लिए मनाते हैं। इस दौरान लगाए गए पौधों की देखभाल और संरक्षण भी वन गुज्जरों की ओर से किया जाता है। इससे पर्यावरण संतुलन बना रहता है और वन्य जीव-जंतुओं को भी संरक्षण मिलता है। सेला पर्व वन गुज्जर समुदाय की प्रकृति के प्रति गहरी आस्था को दर्शाता है। यह त्योहार उन्हें पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करता है। पौधरोपण के माध्यम से वे हरियाली बढ़ाने में योगदान देते हैं। इन पौधों की निरंतर देखभाल से स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होता है। यह पहल वन्यजीवों के आवास और जीवन को भी सुरक्षित करती है।