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स्कूल के आवारा सांड़ और सूख रहे कपड़े

Wed, 21 Dec 2016 10:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार Updated Wed, 21 Dec 2016 10:39 PM IST
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School stray bull and dry clothes
Drying clothes Tibri state junior high school campus. - फोटो : amarujala

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सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और संसाधनों का अभाव अक्सर देखने को मिलता है, मगर शहर की टिबड़ी बस्ती में सरकारी स्कूल की तस्वीर गंदगी से भरी है। यहां आसपास के लोगों ने दीवार पर गोबर के उपले बनाकर सूखने के लिए रख हैं। स्कूल के आंगन में आवारा जानवर और एक कार पार्क है। मिलीजुली यूनिफार्म पहने बच्चों को यदि कुछ  देर के लिए बाहर भेज दिया जाए तो भवन स्कूल नजर नहीं आता। सरकारी स्कूलों और समाज की दिशा व दशा बदलने के दावे करने वाले अफसर और जनप्रतिनिधियों के पास यहां आकर झांकने तक का वक्त नहीं है।

बस्ती वालों का आधा काम स्कूल में
प्राइमरी स्कूल नंबर 25 की बगल में ही राजकीय जूनियर स्कूल भी है। दोनों का रास्ता एक है। स्कूल मेें दाखिल होते ही बस्तीवालों की लकड़ियों के ढेर रखे हैं। सामने ही रस्सी पर अगल बगल वालों के कपड़े सूख रहे हैं। कुछ आगे चलने पर पालतू गाय और उसका बछड़ा बंधा है। कुल मिलाकर आस पास के लोग आधा काम काज स्कूल में करते हैं। ताअज्जुब यह है कि प्राइमरी न जूनियर, दोनों में किसी भी स्कूल के शिक्षक शिक्षिका को इस
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जर्जर भवन में खतरे के बीच पढ़ाई
प्राइमरी स्कूल का भवन करीब 60 साल पुराना है। शिवलोक कॉलोनी की तरफ का हिस्सा पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो चुका है। इसका आंगन कूड़ाघर बन चुका है। वहीं स्कूल के दूसरे हिस्से में बने चार कमरों में पढ़ाई होती है। इन कमरों में छत का प्लास्टर जगह जगह से नीचे गिर रहा है। दी
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शिक्षा और भगवान का मंदिर साथ साथ
हरिद्वार। स्कूल के मेन गेट के पास ही पीपल के वृक्ष पर चबूतरा बनाकर भगवान की प्रतिमा लगाई गई है। मेन गेट पर दरवाजे का समुचित इंतजाम इसलिए भी नहीं किया गया है कि बस्ती वाले कभी कभार यहां पूजा के लिए भी आते हैं।


स्कूल में दो साल से हेडमास्टर नहीं
प्राइमरी स्कूल में दो साल से हेडमास्टर ही नहीं है। अब पांचों कक्षाओं के करीब 117 छात्र छात्राएं केवल दो शिक्षकों के भरोसे हैं। प्रधानाध्यापक का चार्ज देख रहे सहायक अध्यापक रवेंद्र कुमार बताते हैं कि स्कूल के जर्जर भवन की बाबत विभाग को जानकारी काफी पहले दे दी गई थी। भवन जर्जर होने के कारण डर तो बना ही रहता है।
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