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संस्कृत विवि में फर्जी नियुक्तियों की जांच हो सार्वजनिक
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Thu, 20 Oct 2016 10:37 PM IST
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उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यायल में हुई 11 शिक्षकों की नियुक्तियों की जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग को लेकर छात्रसंघ पदाधिकारियों ने विवि प्रशासान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छात्रों ने संस्कृत विवि के कुलपति प्रो. पीयूषकांत दीक्षित से मुलाकात करते हुए जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट सार्वजनिक और आरोपी शिक्षकों पर कार्रवाई न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
उत्तराखंड संस्कृत विवि में 2005 में हुई 11 शिक्षकों की नियुक्ति की जांच रिपोर्ट गढ़वाल कमिश्नर ने राजभवन को कार्रवाई के लिए भेज दी थी। इस जांच रिपोर्ट को राजभवन ने विवि को भेजकर कार्रवाई के लिए कहा था। अब एक साल बीतने के बाद भी इस जांच रिपोर्ट के आधार पर विवि प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है। बृहस्पतिवार को छात्रसंघ अध्यक्ष अनूप बहुखंडी के नेतृत्व में छात्रों ने कुलपति से मुलाकात की।
छात्रों ने शिक्षकों की नियुक्ति में फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए गढ़वाल कमिश्नर की जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की। छात्रों का कहना है कि एक साल बाद भी जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं करना विवि प्रशासन की नीयत पर सवाल खड़े करता है। अनूप बहुखंडी ने बताया कि कुलपति ने जांच रिपोर्ट को नजर अंदाज करने की बात करते हुए इसमें कुछ भी नहीं होने की बात कही। छात्रसंघ के पदाधिकारियों ने छात्रावास आदि समस्याओं को भी कुलपति के सामने उठाया।
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इस अवसर पर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शिवचरण नौडियाल, ललित शर्मा, धीरज सिंह, नीरज कुकरेती, हरीश जोशी, विकास जोशी, प्रवेश, चेतन शर्मा आदि मौजूद थे।
उत्तराखंड संस्कृत विवि में 2005 में हुई 11 शिक्षकों की नियुक्ति की जांच रिपोर्ट गढ़वाल कमिश्नर ने राजभवन को कार्रवाई के लिए भेज दी थी। इस जांच रिपोर्ट को राजभवन ने विवि को भेजकर कार्रवाई के लिए कहा था। अब एक साल बीतने के बाद भी इस जांच रिपोर्ट के आधार पर विवि प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है। बृहस्पतिवार को छात्रसंघ अध्यक्ष अनूप बहुखंडी के नेतृत्व में छात्रों ने कुलपति से मुलाकात की।
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छात्रों ने शिक्षकों की नियुक्ति में फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए गढ़वाल कमिश्नर की जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की। छात्रों का कहना है कि एक साल बाद भी जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं करना विवि प्रशासन की नीयत पर सवाल खड़े करता है। अनूप बहुखंडी ने बताया कि कुलपति ने जांच रिपोर्ट को नजर अंदाज करने की बात करते हुए इसमें कुछ भी नहीं होने की बात कही। छात्रसंघ के पदाधिकारियों ने छात्रावास आदि समस्याओं को भी कुलपति के सामने उठाया।
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इस अवसर पर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शिवचरण नौडियाल, ललित शर्मा, धीरज सिंह, नीरज कुकरेती, हरीश जोशी, विकास जोशी, प्रवेश, चेतन शर्मा आदि मौजूद थे।