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साईं ट्रस्ट को परिणाम भुगतने की चेतावनी
ब्यूरो/अमर उजाला हरिद्वार
Updated Sun, 03 Jul 2016 11:52 PM IST
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हरिद्वार। जगद्गुरु शंकराचार्य के बाद अब अखाड़ा परिषद ने भी साईं को भगवान मानने से इंकार कर दिया है। परिषद ने कहा कि साईं ट्रस्ट ने शंकराचार्य के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा वापस न लिया तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। अखाड़ा परिषद ने कहा कि जगद्गुरु का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने रविवार को प्रेस के लिए जारी बयान में कहा कि शंकराचार्य सहित धर्माचार्यों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने शास्त्रों के आधार पर साईं को भगवान न मानने की बात कही है। स्वयं साईं ने भी अपने को कभी भगवान नहीं कहा। वे तो खुद को एक फकीर कहा करते थे। उन्होंने कहा कि साईं ट्रस्ट शंकराचार्य के साथ-साथ हिंदू समाज का भी अपमान कर रहा है। यदि ट्रस्ट ने क्षमा मांगते हुए मुकदमा वापस न लिया तो देश भर में अखाड़ा परिषद के बैनर तले नागा संन्यासी देशव्यापी आंदोलन शुरू कर देंगे।
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अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरी ने भी शंकराचार्य के पक्ष में बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज के लिए शंकराचार्य भगवान के समान हैं। उन पर मुकदमा दर्ज करना ऐसा है मानों भगवान पर मुकदमा कर दिया हो। शंकराचार्य को अपमानित करने वाले को न तो अखाड़ा परिषद क्षमा करेगी और न ही हिंदू समाज। उन्होंने कहा कि अफसोस का विषय है कि देश में मोदी की सरकार होने पर भी एक उच्च पद पर आसीन संत का अपमान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अखाड़ा परिषद से जुड़े सभी 13 अखाड़ों के साधु-संत शीघ्र ही इस संबंध में राष्ट्रपति से भेंट कर ज्ञापन देंगे।
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