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आरक्षण समाप्त होना चाहिए: शंकराचार्य
ब्यूूराो/ अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Mon, 18 Apr 2016 12:52 AM IST
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हरिद्वार। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने देश से आरक्षण व्यवस्था को पूरी तरह से समाप्त करने की वकालत की। कहा कि आरक्षण का लाभ उठाकर डाक्टर बनने वाला सही इलाज नहीं कर सकता। जज सही न्याय नहीं कर सकता। इंजीनियर पुल नहीं बना सकता और न प्रोफेसर पढ़ा सकता है। इस दौान उन्होंने उतर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती पर भी निशाना साधा।
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रविवार को कनखल स्थित मठ में पत्रकार वार्ता में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने आरक्षण व्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरक्षित सीटों पर पढ़ने वालों पर निशाना साधा। यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ बोलते हुए कहा कि पहले मायावती केवल दलित समाज की बात करती थी तो जोड़-तोड़ की सरकार बनाती रही।
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जब मायावती ने सर्व समाज की बात की तो सरकार पूर्ण बहुमत की आई। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘जय भीम’ का नारा देना शुरू किया तो मायावती बौखला गई हैं। मायावती जय भीम कहने की बात कर रही हैं, लेकिन उसके साथ जुड़े ब्राह्मण एवं अन्य समाज के लोग कभी जय भीम नहीं कहेंगे। उन्होंने कहा कि यदि दलितों को तरक्की करनी है तो सर्व समाज के साथ मिलकर चलना होगा। रामायण पढ़नी होगी, त्यौहार मनाने होंगे। शंकराचार्य ने कहा कि पूरे देश में नशे पर प्रतिबंध लगना चाहिए।
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राम मंदिर पर स्थिति स्पष्ट करें भाजपा
शंकराचार्य ने कहा कि भाजपा की राम मंदिर बनाने के अवधारणा कभी स्पष्ट नहीं रही। भाजपा एवं अन्य घटक दल कहते हैं कि आदर्श राम मंदिर बनाएंगे। इससे साबित होता है कि यह लोग राम को आदर्श मनुष्य मानते हैं, भगवान नहीं।
प्रदेश में आए खुशहाली
शंकराचार्य से दो दिन के अंतराल में निर्वतमान सीएम हरीश रावत एवं पूर्व सीएम विजय बहुगुणा मिलने पहुंचे। दोनों ने अकेले में शंकराचार्य से मुलाकात की। दोनों की मुलाकात पर शंकराचार्य ने कहा कि वह उनके शिष्य हैं कोई भी आशीर्वाद प्राप्त कर सकता है। उन्होंने राजनीति पर चर्चा होने से इनकार किया। बताया कि दोनों से मुलाकात में उन्होंने आदि शंकराचार्य की केदारनाथ में समाधि के जीर्णोद्धार के लिए वार्ता की है। लेकिन वह चाहते हैं प्रदेश की खुशहाली के लिए स्थायी प्रतिनिधित्व मिलना जरूरी है।