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धर्माचार्य सद्भावना यात्रा निकालना बंद करें : स्वामी राजराजेश्वराश्रम
hridwar uttrakhanda india
Updated Mon, 27 Jun 2016 12:05 AM IST
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हरिद्वार। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा है कि राजनेता अभय यात्रा और धर्माचार्य सद्भावना यात्रा निकालना बंद करें। वे हिंदुओं के उत्थान और विकास के लिए ठोस कार्य करें। उन्होंने कहा कि कैराना ही नहीं, पूरे उत्तर प्रदेश से हिंदुओं का पलायन 1980 के बाद से शुरू हो गया था। कैराना तो केवल मित मात्र है।
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कनखल स्थित जगद्गुरु आश्रम में विशेष बातचीत के दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि पश्चिमी यूपी से पलायन कर लोग इधर-उधर जा रहे हैं। उत्तर से पलायन कर दक्षिण में जा रहे हैं तो दक्षिण के लोग पलायन कर क्या समुद्र में जाएंगे। क्योंकि समुद्र के अलावा अन्य कोई रास्ता बचता ही नहीं है। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों के लिए इस देश के अलावा अन्य इस्लामिक देश हैं, लेकिन हिंदुओं के लिए केवल एक ही देश हिंदुस्तान है। फिर जहां-जहां हिंदू अल्पसंख्यक हुआ है, वहां-वहां लोकतंत्र का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान देशों के उदाहरण सामने है।
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उन्होंने कहा कि मुस्लिम मानसिकता जहां एक चुनौती है, वहीं पलायन की समस्या के लिए हिंदू नेता और धर्माचार्यों की भूमिका भी कम नहीं है। इस देश के राजनेता और धर्माचार्यों को यह समझ लेना चाहिए कि जब तक हमारा देश हिंदू बाहुल्य है, तभी तक नेताओं की कुर्सी और धर्माचार्यों के भंडारे सुरक्षित हैं। इसलिए हिंदुओं के पलायन के विषय को राजनीतिक मसला न बनाकर राष्ट्रीय अस्मिता बचाने के लिए सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। साथ ही हिंदुओं की जान माल की सुरक्षा होनी चाहिए।
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