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फर्जीवाड़े की जांच को राजी नहीं बीईओ
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Sat, 29 Oct 2016 10:22 PM IST
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शिक्षकों के फर्जीवाड़े में दस्तावेजों की जांच रिपोर्ट इलाहाबाद से तो पहुंच गई है। लेकिन जिले के किसी भी बीईओ दफ्तर से रिपोर्ट नहीं पहुंच पाई है। दागी व संदिग्ध शिक्षकों के रसूख का आलम यह है कि कारण बताओ नोटिस के बावजूद बीईओ जांच के लिए तैयार नहीं है।
दस्तावेजों के फर्जीवाड़े में अभी तक 12 शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है, जबकि नौ शिक्षक निलंबित हो चुके हैं। संदेह में आए 11 शिक्षकों के दस्तावेज जांच के लिए इलाहाबाद भेजे गए थे। इसी के साथ निलंबित शिक्षकों की जांच बहादराबाद, खानपुर व लक्सर के खंड शिक्षा अधिकारियों को सौंपी गई थी। सप्ताहभर में इलाहाबाद से जांच रिपोर्ट भी आ गई। इसमें एक और शिक्षक के दस्तावेज फर्जी पाए गए और पांच को क्लीन चिट मिल गई। लेकिन बहादराबाद, खानपुर व लक्सर के खंड शिक्षा अधिकारियों ने रिपोर्ट भेजना तो दूर जांच पड़ताल भी शुरू नहीं की गई। शिक्षकों को फायदा पहुंचाने के लिए जांच में जानबूझकर देरी करने का हवाला देते हुए डीईओ बेसिक तीनों खंड शिक्षा अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस तक जारी कर चुके हैं। बावजूद इसके बीईओ जांच शुरू करने को राजी नहीं है। जांच न करने पर बीईओ की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
शासन में की जाएगी शिकायत
कारण बताओ नोटिस जारी होने के बावजूद जांच न करने पर महकमे के भीतर ही तमाम सवाल उठ रहे हैं। बड़ा सवाल यह है कि ऐसा कौन सा कारण है जो आला अधिकारियों के आदेश निर्देशों को दरकिनार किया जा रहा है। वहीं बार-बार लिखित व मौखिक निर्देशों और कारण बताओ नोटिस के बावजूद जांच न करने पर डीईओ बेसिक रामेंद्र कुशवाहा तीनों बीईओ की शासन में शिकायत करने की तैयारी में हैं।
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निलंबित शिक्षकों की जांच बहादराबाद, लक्सर व खानपुर के खंड शिक्षा अधिकारियों को सौंपी गई थी। इलाहाबाद से जांच रिपोर्ट आ चुकी है, लेकिन ब्लॉक से रिपोर्ट नहीं आई है। जांच में ढिलाई पर तीनों बीईओ को कारण बताओ नोटिस भी दिए गए थे। रिपोर्ट न मिलने पर प्रकरण की जांच में बाधा आ रही है।
रामेंद्र कुशवाहा, डीईओ बेसिक हरिद्वार
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दस्तावेजों के फर्जीवाड़े में अभी तक 12 शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है, जबकि नौ शिक्षक निलंबित हो चुके हैं। संदेह में आए 11 शिक्षकों के दस्तावेज जांच के लिए इलाहाबाद भेजे गए थे। इसी के साथ निलंबित शिक्षकों की जांच बहादराबाद, खानपुर व लक्सर के खंड शिक्षा अधिकारियों को सौंपी गई थी। सप्ताहभर में इलाहाबाद से जांच रिपोर्ट भी आ गई। इसमें एक और शिक्षक के दस्तावेज फर्जी पाए गए और पांच को क्लीन चिट मिल गई। लेकिन बहादराबाद, खानपुर व लक्सर के खंड शिक्षा अधिकारियों ने रिपोर्ट भेजना तो दूर जांच पड़ताल भी शुरू नहीं की गई। शिक्षकों को फायदा पहुंचाने के लिए जांच में जानबूझकर देरी करने का हवाला देते हुए डीईओ बेसिक तीनों खंड शिक्षा अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस तक जारी कर चुके हैं। बावजूद इसके बीईओ जांच शुरू करने को राजी नहीं है। जांच न करने पर बीईओ की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
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शासन में की जाएगी शिकायत
कारण बताओ नोटिस जारी होने के बावजूद जांच न करने पर महकमे के भीतर ही तमाम सवाल उठ रहे हैं। बड़ा सवाल यह है कि ऐसा कौन सा कारण है जो आला अधिकारियों के आदेश निर्देशों को दरकिनार किया जा रहा है। वहीं बार-बार लिखित व मौखिक निर्देशों और कारण बताओ नोटिस के बावजूद जांच न करने पर डीईओ बेसिक रामेंद्र कुशवाहा तीनों बीईओ की शासन में शिकायत करने की तैयारी में हैं।
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निलंबित शिक्षकों की जांच बहादराबाद, लक्सर व खानपुर के खंड शिक्षा अधिकारियों को सौंपी गई थी। इलाहाबाद से जांच रिपोर्ट आ चुकी है, लेकिन ब्लॉक से रिपोर्ट नहीं आई है। जांच में ढिलाई पर तीनों बीईओ को कारण बताओ नोटिस भी दिए गए थे। रिपोर्ट न मिलने पर प्रकरण की जांच में बाधा आ रही है।
रामेंद्र कुशवाहा, डीईओ बेसिक हरिद्वार