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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Rawat faces several challenges

रावत के सामने कई चुनौतियां

Sun, 22 Jan 2017 09:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार।
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार। Updated Sun, 22 Jan 2017 09:37 PM IST
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वैसे तो हरीश रावत हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की जनता के लिए नए चेहरे नहीं हैं। वे हरिद्वार से सांसद रहे हैं और फिर ढाई साल से सीएम की कुर्सी संभाल रहे। लेकिन, अब भी खनन बाहुल्य बेल्ट वाली इस विधानसभा क्षेत्र में हरीश रावत के सम्मुख कई छोटी-बड़ी चुनौतियां हैं। अब यहां की जनता के बीच कौन-कौन से वायदे लेकर उतरते हैं यह देखना दिलचस्प होगा। हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा सीट का मिजाज कुछ अलग है।

गंगा, बाणगंगा, नीलधारा के इर्द-गिर्द ही पूरा विधानसभा क्षेत्र आकर सिमट जाता है। लिहाजा सबसे बड़ी चुनौती बरसात के सीजन में नदियों का उफान पर आना है। हर साल बाढ़ कहर बरपाती है और लोगों को अपने घर छोड़कर विस्थापित की जिंदगी बसानी पड़ती है। सांसद रहते हुए हरीश रावत ने गंगा किनारे बसे गांवों लोगों को विस्थापन का भरोसा दिलाया था लेकिन तस्वीर बदल नहीं पाई। पूरे विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का बुराहाल है। ग्रामीणों को इलाज के लिए शहर के लिए दौड़ लगानी पड़ती है।
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इस विधानसभा सीट को खनन बाहुल्य सीट कहे तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। खनन से एक तरफ ग्रामीणों को रोजगार मिलता है तो दूसरी तरफ कुछ ग्रामीण विरोध में भी रहते हैं क्योंकि खनन का भारी खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ता है। क्षेत्र में सड़क खस्ताहाल हैं और संकरे हो चुके मुख्यमार्ग पर अक्सर कोई न कोई अपनी जान गंवा बैठता है। उच्च शिक्षा के लिए छात्र छात्राओं को कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। जंगली जानवरों के आतंक से ग्रामीण परेशान रहते हैं।
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सिद्ध हो गई रावत और खनन माफिया की दोस्ती: शिवानंद
मुख्यमंत्री हरीश रावत के हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी बनने पर मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि हरीश रावत के हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने से उनकी खनन माफिया से दोस्ती साबित हो गई है। उन्होंने कहा कि खनन माफिया के भरोसे ही रावत यहां चुुनाव लड़ने आ रहे हैं।


गंगा में अवैध खन के खिलाफ लंबे समय से संघर्ष  कर रही संस्था मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती के निशाने पर लंबे समय से हरीश रावत रहे हैं। वे हरीश रावत पर खनन माफिया से सांठगांठ करने का आरोप लगाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि मातृसदन का किसी भी दल या व्यक्ति की राजनीति से कोई सरोकार नहीं है। लेकिन हरीश रावत का इस सीट से चुनाव लड़ना उनकी माफिया से दोस्ती को प्रमाणित करता है। उन्होंने  कहा कि हरीश रावत ने खनन माफिया के हित साधने में सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए।
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