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गिरफ्तारी के विरोध में धरना-प्रदर्शन जारी
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हरिद्वार। प्राचार्य डा. निरंजन मिश्र की गिरफ्तारी के विरोध में महाविद्यालय परिसर के बाहर धरना-प्रदर्शन छठे दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठे लोगों ने प्राचार्य की रिहाई और षड्यंत्रकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
पूर्व स्नातक परिषद की ओर से चल रहे धरने पर महाविद्यालय के पूर्व स्नातक डॉ. दीपक कोठारी ने कहा कि एक संत की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में यह कहा जाना कि महाविद्यालय प्रबंध समिति ने फर्जी दस्तावेज और फर्जी हस्ताक्षर किए हैं। यह सफेद झूठ है। कहा कि महाविद्यालय प्रबंध समिति ने प्रबंध समिति के रूप में ही नवीनीकरण कराया है, जो उसको केंद्र सरकार की आदर्श नियमावली के तहत प्राप्त वैधानिक अधिकार है। इससे साफ हो रहा है कि महाविद्यालय को खुर्द-बुर्द कराने की बदनीयत से झूठी एफआईआर दर्ज कराकर प्राचार्य डा. निरंजन मिश्र को गिरफ्तार कराकर संत ने न केवल संस्कृत एवं संस्कृति का घोर अपमान किया है, बल्कि अपनी संन्यास परंपरा को भी कलंकित कर दिया है। इस पर संत के खिलाफ संगीन अपराध के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। इस मौके पर दीपक पांडेय, आशीष कुमार जोशी, आकाश भट्ट, नीरज उनियाल, सौरभ जोशी, कृष्णा कंसवाल, दीक्षित और दीपक सेमवाल आदि मौजूद रहे।
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पूर्व स्नातक परिषद की ओर से चल रहे धरने पर महाविद्यालय के पूर्व स्नातक डॉ. दीपक कोठारी ने कहा कि एक संत की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में यह कहा जाना कि महाविद्यालय प्रबंध समिति ने फर्जी दस्तावेज और फर्जी हस्ताक्षर किए हैं। यह सफेद झूठ है। कहा कि महाविद्यालय प्रबंध समिति ने प्रबंध समिति के रूप में ही नवीनीकरण कराया है, जो उसको केंद्र सरकार की आदर्श नियमावली के तहत प्राप्त वैधानिक अधिकार है। इससे साफ हो रहा है कि महाविद्यालय को खुर्द-बुर्द कराने की बदनीयत से झूठी एफआईआर दर्ज कराकर प्राचार्य डा. निरंजन मिश्र को गिरफ्तार कराकर संत ने न केवल संस्कृत एवं संस्कृति का घोर अपमान किया है, बल्कि अपनी संन्यास परंपरा को भी कलंकित कर दिया है। इस पर संत के खिलाफ संगीन अपराध के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। इस मौके पर दीपक पांडेय, आशीष कुमार जोशी, आकाश भट्ट, नीरज उनियाल, सौरभ जोशी, कृष्णा कंसवाल, दीक्षित और दीपक सेमवाल आदि मौजूद रहे।
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