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महाराष्ट्र निवासियों के पास बनाने की शुरू हुई प्रक्रिया

Wed, 29 Apr 2020 10:36 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 29 Apr 2020 10:36 PM IST
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Process started to make with Maharashtra residents
दूधाधारी आश्रम में छत्तीसगढ़ के मजदूर भोजन आदि की मांग करते हुए। - फोटो : HARIDWAR
धर्मनगरी में फंसे महाराष्ट्र के यात्रियों की वापसी की राह आसन होती नहीं दिख रही है। प्रशासन के अधिकारी भी लंबी दूरी और कई यात्रियों के होने के कारण वापसी को आसान नहीं मानते। अधिकारियों का कहना है कि इस बाबत संबंधित प्रदेश के अधिकारियों को सूचना भेजी जा रही है।
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महाराष्ट्र के सोलापुर विधानसभा के 70 यात्री लॉकडाउन शुरू होने से यहां यात्रा पर आए थे। तब से यह लोग यहीं फंसकर रहे गए। यह लोग अलग अलग स्थानों पर रह रहे हैं। सोमवार को यह लोग वापस भेजने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए थे। मंगलवार को राजस्व विभाग के कर्मचारी राशन लेकर वहां पहुंचे थे।
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बुधवार को पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी ने दो यात्रियों को वार्ता के लिए जिलाधिकारी सी रविशंकर के पास भेजा। वहां पर जिलाधिकारी ने उनसे पूरी जानकारी ली और सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय भेजा। जहां उनकी डिटेल नोट कर जिला पर्यटन विभाग के कार्यालय भेजा।
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सोलापुर की दूरी 1757 किमी
जिला पर्यटन अधिकारी सीमा नौटियाल ने बताया कि हरिद्वार से सोलापुर की दूरी 1757 किमी है। वहां तक जाने के लिए सीधे कोई संसाधन भी नहीं है। बीच में कई प्रदेश भी पड़ते हैं। रास्ते का हाल भी जानना है कि किन प्रदेशों में क्या स्थिति के साथ कहां पर प्रतिबंधित है। महाराष्ट्र के निवासियों की सूची के साथ आवेदन ले लिया है। उसे सिटी मजिस्ट्रेट को भेज दिया है। सिटी मजिस्ट्रेट जगदीश लाल का कहना है कि रास्ता ज्यादा लंबा है। इतने लोगों को एक साथ नहीं भेज सकते हैं। महाराष्ट्र सरकार को ई-मेल भेजकर इन लोगों के भेजने की अनुमति मांगी जाएगी। वहां से अनुमति मिलने के बाद आगे की कार्यवाही शुरू होगी।

महिलाएं बोलीं बेच देंगे गहने
इन यात्रियों को यहां पर 41 दिन हो गए हैं और इनके पैसे सब खत्म हो चुके। यात्रियों का कहना है कि बाद में घर से जो पैसे मंगवाए थे वह भी खर्च हो गए। अब वापसी के लिए किराया नहीं है। प्रशासन यदि व्यवस्था करता है तो वह किराया वहन करने के लिए अपने गहने भी बेच सकते हैं। महिला यात्री जयश्री, अंबिका, दीपिका ने बताया कि गहने तो बाद में कमाकर फिर खरीद लेंगे। इस समय परिवार के बीच पहुंचना जरूरी है।
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