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प्रोसिडिंग में हेराफेरी उजागर
ब्यूरो अमर उजाला हरिद्वार
Updated Tue, 09 Aug 2016 12:04 AM IST
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नगर निगम बोर्ड बैठक की प्रॉसिडिंग में हेराफेरी के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए हैं। बैठक की वीडियोग्राफी की सीडी से मिलान करने पर पता चला है कि कई लंबित व खारिज प्रस्तावों को पास दिखा दिया गया। यह प्रॉसिडिंग शासन को भी भेज दी गई। नेता प्रतिपक्ष की शिकायत और शुरूआती पड़ताल में सामने आए तथ्यों को देखते हुए नगर आयुक्त ने प्रॉसिडिंग लिपिक से स्पष्टीकरण मांगा है। आगे की कार्रवाई के लिए विधिक राय भी ली जा रही है।
नगर निगम की पिछली बोर्ड बैठक 13 मई को हुई थी। उसमें निगम की आय बढ़ाने के लिए कई प्रस्ताव लाए गए थे। नगर निगम के मुकदमों की पैरवी के लिए पूर्णकालिक वेतनिक अधिवक्ता नियुक्त करने का प्रस्ताव भी रखा गया था। पार्षदों ने इसका यह कहते हुए विरोध किया था कि इससे निगम पर आर्थिक बोझ पड़ेगा। मगर प्रॉसिडिंग में यह प्रस्ताव पास करने के साथ ही आवेदन मांगने पर ही सहमति दिखाई गई है। कुछ ऐसे प्रस्ताव भी प्रॉसिडिंग में पास दर्शाए गए हैं, जो एजेंडे में शामिल ही नहीं थे। इनमें करनी भवन की लीज पर सहमति और होर्डिंग पॉलिसी पर कार्यसमिति के विचार करने संबंधी प्रस्ताव शामिल हैं।
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नेता प्रतिपक्ष उपेंद्र कुमार ने इस बाबत नगर आयुक्त विप्रा त्रिवेदी को पत्र दिया था। बैठक की वीडियोग्राफी से मिलान करने पर प्रथम दृष्टया आरोप सही साबित होते दिख रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि हेराफेरी किसके इशारे पर हुई और इसके पीछे उद्देश्य क्या रहा होगा।
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नगर आयुक्त ने तत्काल प्रभाव से प्रॉसिडिंग कमेटी के लिपिक राजेंद्र घाघट से इस संबंध में जवाब मांगा है। साथ ही यह भी साफ किया है कि मामला सीधे तौर पर आपराधिक है, इसमें फर्जीवाड़ा किया गया है। इसमें विधिक राय लेकर कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी।
ऐसे लिखी जाती है प्रॉसिडिंग
नगर निगम में बोर्ड बैठक के दौरान प्रॉसिडिंग कमेटी के सदस्य प्रस्तावों और उन पर होने वाली चर्चा को रफ कागज पर लिखते रहते हैं। बैठक के बाद उसे प्रॉसिडिंग रजिस्टर में लिखा जाता है। इसके बाद रजिस्टर से टाइप कर अनुपालन में लाया जाता है। इसको शासन में भी भेजा जाता है। माना जा रहा है कि रफ कागज से रजिस्टर में कार्यवाई उतारने के दौरान ही हेराफेरी की गई है।
अनुपालन को लेकर भी असमंजस
प्रॉसिडिंग में हेराफेरी की बात सामने आने पर नगर निगम बोर्ड में पास हुए प्रस्तावों को लेकर भी असमंजस हैं। अधिकारी समझ ही नहीं पा रहे हैं कि किस प्रस्ताव का क्रियान्वयन कराएं और किसका नहीं। वहीं शासन को संशोधित प्रॉसिडिंग भेजी जाए या नहीं। नगर आयुक्त विप्रा त्रिवेदी का कहना है कि इस बारे में विधिक राय लेने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।
...तो गलत प्रॉसिडिंग के आधार पर बुलाई गई बैठक
एजेंडे में होर्डिंग पॉलिसी से जुड़ा कोई प्रस्ताव न होने के बावजूद प्रॉसिडिंग में लिखा गया है कि इस बारे में कार्यसमिति को विचार करना है। इसी आधार पर सोमवार को कार्यसमिति की बैठक भी बुला ली गई। हेराफेरी का मामला उजागर होने पर बैठक रद्द कर दी गई।
मुख्य सचिव से मिलेंगे विपक्षी पार्षद
बोर्ड प्रॉसिडिंग में छेड़छाड़ के मामले में विपक्षी पार्षद मुख्य सचिव से मुलाकात करेंगे। नेता प्रतिपक्ष उपेंद्र कुमार ने बताया कि प्रॉसिडिंग, सीडी और एजेंडा लेकर जल्द ही कांग्रेस पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल मुख्य सचिव से मिलेगा। कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने और खुद लाभ लेने के लिए दुस्साहसिक और अलोकतांत्रिक ढंग से प्रॉसिडिंग में हेराफेरी की गई है। इस मामले की विस्तृत जांच होने के साथ ही दोषियों पर मुकदमे दर्ज होनी चाहिए।
प्रॉसिडिंग में हेराफेरी जैसा कुछ नहीं है। मामले की जांच कराई जा सकती है। प्रॉसिडिंग में छेड़छाड़ से किसी को कोई लाभ नहीं मिलना है। सभी फैसले निगम हित में लिए गए हैं। शासन को लगता है गलत है तो रोक लगा दे।- मनोज गर्ग, मेयर हरिद्वार
शुरूआती जांच में प्रॉसिडिंग में हेराफेरी की बात सामने आई है। यह बेहद गंभीर है। संबंधित लिपिक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जवाब आने के बाद विधिक राय लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।- विप्रा त्रिवेदी, नगर आयुक्त हरिद्वार
बोर्ड प्रॉसिडिंग में हेराफेरी महापौर कार्यालय स्तर से की गई है। ई टेंडरिंग में रुकावट पैदा कर न सिर्फ नगर निगम के राजस्व को प्रभावित करने की साजिश की गई, बल्कि कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए ऐसा किया गया है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी जरूरी है, विपक्ष इसे अंजाम तक लेकर जाएगा।- उपेंद्र कुमार, नेताप्रतिपक्ष नगर निगम