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अवैध खनन का लाइसेंस देने की तैयारी
ब्यूरो/अमर उजाला हरिद्वार
Updated Sun, 24 Jul 2016 11:45 PM IST
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ख्ानन
- फोटो : अमर उजाला
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हरिद्वार। मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने प्रदेश सरकार के खिलाफ फिर हमला बोला। उन्होंने कहा कि गंगा में अवैध खनन नहीं रोक पा रही सरकार अब खनन माफिया को खनन और चुगान की अनुमति का लाइसेंस देना चाहती है। इस आशय का बिल कैबिनेट में लाया जा चुका है लेकिन उसे सदन में पारित नहीं कराया जा सका। उन्होंने कहा कि यदि गंगा में किसी भी प्रकार खनन किया तो वे पहले कोर्ट में जाएंगे और बाद में तपस्या का रास्ता अपनाएंगे।
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रविवार को प्रेसवार्ता करते हुए स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि प्रदेश सरकार खनन के लिए बिल लाने की तैयारी में है जिसे अभी गोपनीय रखा गया है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में कभी ऐसा कोई बिल नहीं लाया जा सका जोकि खनन के लिए इस तरह से नया रास्ता खोजता है जबकि वैज्ञानिकों की रिपोर्ट आ चुकी कि गंगा में किसी भी प्रकार का खनन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कभी भी अवैध खनन पर काबू नहीं पा सकी तो अब इसे वैध करने के लिए चौड़ीकरण का बिल जारी कराना चाहती है। पहले भी समतलीकरण के नाम पर भी कई क्षेत्रों में अवैध खनन का खेल खेला जा चुका है। सरकार अवैध खनन के नए-नए तरीके खोजने का काम रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री हरीश रावत पर अवैध खनन कराने के लिए संगीन आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि साबित हो चुका है कि 1998 में भीमगोड़ा बैराज के पास बने गड्ढ़े आज तक बहकर आने वाली किसी सामग्री से नहीं भरे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि गंगा के लिए शहादत दे चुके ब्रह्मचारी निगमानंद के बलिदान को प्रदेश सरकार भूल चुकी है।
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