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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए मास्टर प्लान बनाने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Thu, 15 Dec 2016 10:44 PM IST
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जिलाधिकारी हरबंस सिंह चुघ ने जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए विकास का मास्टर प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत सिंचाई विभाग को नोडल इकाई बनाकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराया जा रहा है। हरिद्वार तहसील के 18 और लक्सर तहसील के नौ गांवों को इसमें शामिल किया गया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि एनजीटी की ओर से प्रदेश में गंगा के किनारे होने वाले निर्माण, बाढ़ और आपदा आदि से बचाव के लिए राज्य स्तर पर नीति बनाया जाना प्रस्तावित है। इस बारे में गंगा के किनारे बने सभी जिलों से विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। हरिद्वार में इसके लिए तेजी से कार्रवाई की जा रही है। बृहस्पतिवार को बुलाई गई समीक्षात्मक बैठक में डीएम ने कहा कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में आपदा के समय किस तरह भूमि उपयोग किया जाएगा इसके लिए मास्टर प्लान बनाया जा रहा है। सर्वे के बाद पूरी रिपोर्ट शासन के माध्यम से एनजीटी को भेजी जाएगी। मास्टर प्लान में पिछले 25 और 50 सालों के साथ ही भविष्य के बारे में भी काम किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने नोडल एजेंसी सिंचाई विभाग को शीघ्र ही सभी क्षेत्रों की टाइमलाइन की सूची बनाने के निर्देश दिए। हरिद्वार और लक्सर के एसडीएम को ऐसे क्षेत्रों को चिह्नित कर पांच दिन में सर्वेक्षण पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में हरिद्वार के एसडीएम मनीष कुमार, लक्सर के एसडीएम कौस्तुभ मिश्रा, भगवानपुर के एसडीएम अनिल गर्ब्याल, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डीके सिंह, तहसीलदार सुनैना राणा आदि उपस्थित थे।
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जिलाधिकारी ने बताया कि एनजीटी की ओर से प्रदेश में गंगा के किनारे होने वाले निर्माण, बाढ़ और आपदा आदि से बचाव के लिए राज्य स्तर पर नीति बनाया जाना प्रस्तावित है। इस बारे में गंगा के किनारे बने सभी जिलों से विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। हरिद्वार में इसके लिए तेजी से कार्रवाई की जा रही है। बृहस्पतिवार को बुलाई गई समीक्षात्मक बैठक में डीएम ने कहा कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में आपदा के समय किस तरह भूमि उपयोग किया जाएगा इसके लिए मास्टर प्लान बनाया जा रहा है। सर्वे के बाद पूरी रिपोर्ट शासन के माध्यम से एनजीटी को भेजी जाएगी। मास्टर प्लान में पिछले 25 और 50 सालों के साथ ही भविष्य के बारे में भी काम किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने नोडल एजेंसी सिंचाई विभाग को शीघ्र ही सभी क्षेत्रों की टाइमलाइन की सूची बनाने के निर्देश दिए। हरिद्वार और लक्सर के एसडीएम को ऐसे क्षेत्रों को चिह्नित कर पांच दिन में सर्वेक्षण पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में हरिद्वार के एसडीएम मनीष कुमार, लक्सर के एसडीएम कौस्तुभ मिश्रा, भगवानपुर के एसडीएम अनिल गर्ब्याल, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डीके सिंह, तहसीलदार सुनैना राणा आदि उपस्थित थे।
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