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सब्जियों के बढ़े भाव, टमाटर-प्याज के आगे फीका पड़ा सेब
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पेट्रोल-डीजल के बाद अब खाने पीने के दामाें में आग लग गई है। स्थिति यह है कि जरूरी चीजें आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही हैं। सीजनल सब्जियों के दाम भी आसमान छू रहे। अधिकांश सब्जियों और दालों में पड़ने वाले टमाटर के दाम सबसे ज्यादा बढ़े हैं। ऐसे में गरीब और मध्यम वर्ग की महिलाओं के किचन का बजट बिगड़ गया है।
करीब 15 दिन में सब्जी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिल रही है। डीजल के बढ़े दाम का असर अब सब्जी दुकानों में देखने को मिल रहा है। एक सप्ताह के भीतर टमाटर के भाव में पांच से 30 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। यही हाल प्याज का भी है। भिंडी, गोभी, शिमला मिर्च की कीमतों में भी 10 से 15 रुपये का उछाल आ गया है। फल-सब्जी व्यापारी भोले शंकर ने बताया कि टमाटर इसलिए महंगा हुआ है, क्योंकि अब स्थानीय फसल खत्म हो गई है। ज्यादातर सब्जियां बाहर से आ रही हैं। भिंडी पहले 30 से 40 रुपये थी, लेकिन अब फुटकर में 50 रुपये किलो का भाव है।
तीन दिन में बढ़े दाम
हरिद्वार। ज्वालापुर सब्जी मंडी के थोक विक्रेताओं आरिफ की माने तो पिछले चार दिन में बाहर से आने वाली सब्जियों खासकर प्याज, टमाटर के दामों में प्रति किलो के हिसाब से बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। करीब 5 रुपये से लेकर 30 रुपये तक की वृद्धि सामने आई है।
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फलों का भी यही हाल
ज्वालापुर फल मंडी के थोक विक्रेता सतीश कुमार की माने तो केले समेत ज्यादातर फल बाहर से आते हैं। जिससे उनके दामों में भी दस से पंद्रह प्रतिशत का इजाफा हुआ है। सेब के दाम तो करीब 14 फीसदी से ज्यादा बढ़ गए हैं।
सब्जी के दाम बढ़ने सेे सीधा असर हमारी जेब पर पड़ रहा है। जबकि घर से हमें सीमित मात्रा में ही पैसे मिलते हैं और खाने-पीने की अन्य चीजों पर भी पैसे खर्च करने पड़ते हैं। सरकार को महंगाई पर अंकुश लगाना चाहिए।
- निधि विवेक विहार।
महंगाई की वजह से दो सब्जियों की वैरायटी पर कमी कर दी गई है। अब हरी सब्जियों की जगह पर आलू सोयाबीन से काम चलाया जा रहा है। हरी सब्जी की जगह छोले और राजमा ने ले ली है।
- अनिता सिंह, कनखल
सब्जियों के रेट पिछले सप्ताह और अब (रुपए प्रति किलोग्राम में)
आलू 20 -30
प्याज 45-70
टमाटर 30-80
बैैंगन 20-50
मिर्च 30- 60
लौकी 20-45
कद्दू 20-34
फलों के दाम (रुपए प्रति किलोग्राम में)
सेब 55 - 65
केला 40- 60 (दर्जन)
पपीता 30-45
अनार 100-120
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करीब 15 दिन में सब्जी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिल रही है। डीजल के बढ़े दाम का असर अब सब्जी दुकानों में देखने को मिल रहा है। एक सप्ताह के भीतर टमाटर के भाव में पांच से 30 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। यही हाल प्याज का भी है। भिंडी, गोभी, शिमला मिर्च की कीमतों में भी 10 से 15 रुपये का उछाल आ गया है। फल-सब्जी व्यापारी भोले शंकर ने बताया कि टमाटर इसलिए महंगा हुआ है, क्योंकि अब स्थानीय फसल खत्म हो गई है। ज्यादातर सब्जियां बाहर से आ रही हैं। भिंडी पहले 30 से 40 रुपये थी, लेकिन अब फुटकर में 50 रुपये किलो का भाव है।
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तीन दिन में बढ़े दाम
हरिद्वार। ज्वालापुर सब्जी मंडी के थोक विक्रेताओं आरिफ की माने तो पिछले चार दिन में बाहर से आने वाली सब्जियों खासकर प्याज, टमाटर के दामों में प्रति किलो के हिसाब से बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। करीब 5 रुपये से लेकर 30 रुपये तक की वृद्धि सामने आई है।
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फलों का भी यही हाल
ज्वालापुर फल मंडी के थोक विक्रेता सतीश कुमार की माने तो केले समेत ज्यादातर फल बाहर से आते हैं। जिससे उनके दामों में भी दस से पंद्रह प्रतिशत का इजाफा हुआ है। सेब के दाम तो करीब 14 फीसदी से ज्यादा बढ़ गए हैं।
सब्जी के दाम बढ़ने सेे सीधा असर हमारी जेब पर पड़ रहा है। जबकि घर से हमें सीमित मात्रा में ही पैसे मिलते हैं और खाने-पीने की अन्य चीजों पर भी पैसे खर्च करने पड़ते हैं। सरकार को महंगाई पर अंकुश लगाना चाहिए।
- निधि विवेक विहार।
महंगाई की वजह से दो सब्जियों की वैरायटी पर कमी कर दी गई है। अब हरी सब्जियों की जगह पर आलू सोयाबीन से काम चलाया जा रहा है। हरी सब्जी की जगह छोले और राजमा ने ले ली है।
- अनिता सिंह, कनखल
सब्जियों के रेट पिछले सप्ताह और अब (रुपए प्रति किलोग्राम में)
आलू 20 -30
प्याज 45-70
टमाटर 30-80
बैैंगन 20-50
मिर्च 30- 60
लौकी 20-45
कद्दू 20-34
फलों के दाम (रुपए प्रति किलोग्राम में)
सेब 55 - 65
केला 40- 60 (दर्जन)
पपीता 30-45
अनार 100-120