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वाद से कम मुश्किल नहीं रोशनाबाद कचहरी तक पहुंचना
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हरिद्वार का जिला मुख्यालय शहर से करीब 14 किलोमीटर दूर रोशनाबाद है। इसी तरह से जनपद की तीन और तहसीलों से मुख्यालय की दूरी कई किलोमीटर है। हर रोज यहां सैकड़ों लोग अपने जरूरी काम से पहुंचते हैं। इसके बाद भी आज तक मुख्यालय के लिए रोडवेज की कोई सेवा नहीं है। लोग कई ऑटो या विक्रम बदलकर मुख्यालय और कचहरी तक पहुंचते हैं। इससे लोगों के समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है।
रोशनाबाद में कचहरी के अलावा जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन के मुख्यालय, श्रम, न्यायालय और विकास भवन समेत कई सरकारी कार्यालय हैं। प्रतिदिन सैकड़ों लोग यहां आते हैं। रोशनाबाद आने के लिए परिवहन निगम और सिटी बस सेवा नहीं है। केवल ऑटो चलते हैं। मनमाना किराया वसूलते हैं। सवारियां भरने तक जगह जगह रूकते हैं। जिससे वादकारी समय से अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते हैं। कई वाहन डग्गामारी करते हैं। एआरटीओ और पुलिस कभी चेकिंग नहीं करती है। बस सेवा नहीं होने से कचहरी के वादकारियों के अलावा अधिवक्ताओं को जूझना पड़ता है।
मेरा न्यायालय में मुकदमा चल रहा है। पिछले पांच वर्षों से हरिद्वार रोशनाबाद कचहरी आ रही हूं। ऑटो व विक्रम वाले कभी 10 रुपये तो कभी 20 रुपये मांगते हैं। इसलिए शहर से सिटी बस का संचालन होना चाहिए।
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- बीना गौतम, ग्राम सीतापुर
वाद के चलते दो वर्ष से कचहरी आ रहा हूं। कचहरी पर बिना अपने साधन के समय से तारीख पर नहीं पहुंच पाता हूं। मुझे घर से आने में दो से तीन ऑटो बदलने पड़ते हैं। सीधी बस सेवा हो तो कचहरी आना आसान हो सकता है।
- विपिन शर्मा, कटारपुर कनखल
कचहरी तक पहुंचने के लिए यातायात की पर्याप्त सुविधा नहीं है। केवल ऑटो या विक्रम ही कचहरी तक आते हैं। अन्य कोई बस की सुविधा यहां तक आने के लिए नहीं है। प्रशासन को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए।
- राजेंद्र चौहान ग्राम कटारपुर
जिला कचहरी रोशनाबाद में स्थापना के समय यातायात सुविधा उपलब्ध थीं। नगर बस सेवा संचालित होती थी, जो बंद कर दी गई। वर्तमान में बस सेवा की अत्यंत आवश्यकता है, ताकि ऑटो व अन्य वाहन चालकों की मनमानी पर रोक लग सके।
- वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर वशिष्ठ
मैं पिछले 20 वर्षों से लक्सर से हरिद्वार कचहरी मैं आ रहा हूं। मुझे लक्सर से हरिद्वार आने के लिए 2 व 3 वाहन बदलने पड़ते हैं। हकचहरी के लिए समय से वाहन उपलब्ध नहीं हो पाता। ऑटो वाले हरिद्वार पहुंचने के लिए मनमाने पैसे मांगते हैं। - मुंशी ईश्वरचंद
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रोशनाबाद में कचहरी के अलावा जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन के मुख्यालय, श्रम, न्यायालय और विकास भवन समेत कई सरकारी कार्यालय हैं। प्रतिदिन सैकड़ों लोग यहां आते हैं। रोशनाबाद आने के लिए परिवहन निगम और सिटी बस सेवा नहीं है। केवल ऑटो चलते हैं। मनमाना किराया वसूलते हैं। सवारियां भरने तक जगह जगह रूकते हैं। जिससे वादकारी समय से अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते हैं। कई वाहन डग्गामारी करते हैं। एआरटीओ और पुलिस कभी चेकिंग नहीं करती है। बस सेवा नहीं होने से कचहरी के वादकारियों के अलावा अधिवक्ताओं को जूझना पड़ता है।
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मेरा न्यायालय में मुकदमा चल रहा है। पिछले पांच वर्षों से हरिद्वार रोशनाबाद कचहरी आ रही हूं। ऑटो व विक्रम वाले कभी 10 रुपये तो कभी 20 रुपये मांगते हैं। इसलिए शहर से सिटी बस का संचालन होना चाहिए।
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- बीना गौतम, ग्राम सीतापुर
वाद के चलते दो वर्ष से कचहरी आ रहा हूं। कचहरी पर बिना अपने साधन के समय से तारीख पर नहीं पहुंच पाता हूं। मुझे घर से आने में दो से तीन ऑटो बदलने पड़ते हैं। सीधी बस सेवा हो तो कचहरी आना आसान हो सकता है।
- विपिन शर्मा, कटारपुर कनखल
कचहरी तक पहुंचने के लिए यातायात की पर्याप्त सुविधा नहीं है। केवल ऑटो या विक्रम ही कचहरी तक आते हैं। अन्य कोई बस की सुविधा यहां तक आने के लिए नहीं है। प्रशासन को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए।
- राजेंद्र चौहान ग्राम कटारपुर
जिला कचहरी रोशनाबाद में स्थापना के समय यातायात सुविधा उपलब्ध थीं। नगर बस सेवा संचालित होती थी, जो बंद कर दी गई। वर्तमान में बस सेवा की अत्यंत आवश्यकता है, ताकि ऑटो व अन्य वाहन चालकों की मनमानी पर रोक लग सके।
- वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर वशिष्ठ
मैं पिछले 20 वर्षों से लक्सर से हरिद्वार कचहरी मैं आ रहा हूं। मुझे लक्सर से हरिद्वार आने के लिए 2 व 3 वाहन बदलने पड़ते हैं। हकचहरी के लिए समय से वाहन उपलब्ध नहीं हो पाता। ऑटो वाले हरिद्वार पहुंचने के लिए मनमाने पैसे मांगते हैं। - मुंशी ईश्वरचंद