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जांच नहीं करने वाले अफसरों को नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Thu, 20 Oct 2016 10:18 PM IST
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फर्जीवाड़े में फंसे शिक्षकों को विभाग के भीतर से ही बचाने के प्रयास भी शुरू हो गए हैं। दागी शिक्षकों के रसूख और प्रभाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ब्लॉक के उप शिक्षा अधिकारी उनके खिलाफ जांच करने को तैयार नहीं हैं। डीईओ के लिखित निर्देश के बावजूद जांच शुरू न करने वाले बहादराबाद, लक्सर और खानपुर के उप शिक्षा अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिसमें स्पष्टीकरण सहित तीन दिन में जांच रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट न देने पर शासन में कार्रवाई की संस्तुति भेजने की चेतावनी भी दी गई है।
जनपद में प्राइमरी शिक्षकों का फर्जीवाड़ा पकड़ में आने से शिक्षक जगत और शासन तक में हड़कंप है। फर्जीवाड़े की परतें जैसे जैसे खुल रही हैं, वैसे वैसे शिक्षकों के साथ साथ विभाग की कारगुजारी भी सामने आ रही हैं। फर्जी सत्यापन और फर्जी हलफनामे में विभागीय मिलीभगत उजागर होने के बाद अब इतने संवेदनशील प्रकरण में उप शिक्षा अधिकारियों की सुस्ती तमाम सवाल खड़े करती है। दरअसल नोटिस के बावजूद अपने दस्तावेज जमा न कराने वाले बहादराबाद, लक्सर व खानपुर ब्लॉक के आठ शिक्षकों को निलंबित करते हुए उनके उप शिक्षा अधिकारियों को जांच सौंपी गई थी। मगर जांच का समय पूरा हो जाने के बावजूद उप शिक्षा अधिकारियों ने जांच शुरू करने की जहमत नहीं उठाई।
जिससे यह माना जा रहा है कि फर्जीवाड़े में शिक्षकों को कार्रवाई से बचाने के लिए इस संवेदनशील प्रकरण को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को डीईओ बेसिक रामेंद्र कुशवाहा की ओर से तीनों उप शिक्षा अधिकारियों को भेजे गए नोटिस में इसका उल्लेख किया गया है। तीनों उप शिक्षा अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए तीन दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। ऐसा न होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति सहित रिपोर्ट शासन में भेजने की चेतावनी दी गई है।
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इन शिक्षकों से लेने हैं प्रमाणपत्र
दस्तावेज उपलब्ध न कराने पर निलंबित किए गए शिक्षकों से उनके प्रमाणपत्र लाने के निर्देश उप शिक्षा अधिकारियों को दिए गए थे। इनमें लक्सर ब्लॉक में बादशाहपुर में तैनात कुमकुम भटनागर, रायसी के आदेश चंद्र, अकबरपुर ऊद के राहुल और सीमली के सुभाष कुमार की जांच उप शिक्षा अधिकारी लक्सर और बहादराबाद में गुर्जर बस्ती में तैनात जगराम सिंह, मीठीबेरी के विपिन प्रकाश शर्मा, हजारा ग्रंट के नागेंद्र सिंह और खानपुर में तैनात अशोक कुमार की जांच रिपोर्ट मांगी गई थी।
जनपद में प्राइमरी शिक्षकों का फर्जीवाड़ा पकड़ में आने से शिक्षक जगत और शासन तक में हड़कंप है। फर्जीवाड़े की परतें जैसे जैसे खुल रही हैं, वैसे वैसे शिक्षकों के साथ साथ विभाग की कारगुजारी भी सामने आ रही हैं। फर्जी सत्यापन और फर्जी हलफनामे में विभागीय मिलीभगत उजागर होने के बाद अब इतने संवेदनशील प्रकरण में उप शिक्षा अधिकारियों की सुस्ती तमाम सवाल खड़े करती है। दरअसल नोटिस के बावजूद अपने दस्तावेज जमा न कराने वाले बहादराबाद, लक्सर व खानपुर ब्लॉक के आठ शिक्षकों को निलंबित करते हुए उनके उप शिक्षा अधिकारियों को जांच सौंपी गई थी। मगर जांच का समय पूरा हो जाने के बावजूद उप शिक्षा अधिकारियों ने जांच शुरू करने की जहमत नहीं उठाई।
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जिससे यह माना जा रहा है कि फर्जीवाड़े में शिक्षकों को कार्रवाई से बचाने के लिए इस संवेदनशील प्रकरण को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को डीईओ बेसिक रामेंद्र कुशवाहा की ओर से तीनों उप शिक्षा अधिकारियों को भेजे गए नोटिस में इसका उल्लेख किया गया है। तीनों उप शिक्षा अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए तीन दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। ऐसा न होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति सहित रिपोर्ट शासन में भेजने की चेतावनी दी गई है।
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इन शिक्षकों से लेने हैं प्रमाणपत्र
दस्तावेज उपलब्ध न कराने पर निलंबित किए गए शिक्षकों से उनके प्रमाणपत्र लाने के निर्देश उप शिक्षा अधिकारियों को दिए गए थे। इनमें लक्सर ब्लॉक में बादशाहपुर में तैनात कुमकुम भटनागर, रायसी के आदेश चंद्र, अकबरपुर ऊद के राहुल और सीमली के सुभाष कुमार की जांच उप शिक्षा अधिकारी लक्सर और बहादराबाद में गुर्जर बस्ती में तैनात जगराम सिंह, मीठीबेरी के विपिन प्रकाश शर्मा, हजारा ग्रंट के नागेंद्र सिंह और खानपुर में तैनात अशोक कुमार की जांच रिपोर्ट मांगी गई थी।