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Haridwar Panchayat Election: पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष समेत नौ दावेदारों के नामांकन निरस्त
Tue, 13 Sep 2022 01:03 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 13 Sep 2022 01:03 AM IST
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नामांकन पत्र जमा करते उम्मीदवार
- फोटो : अमर उजाला
हरिद्वार जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष और बसपा के जिला पंचायत सदस्य सीट के प्रत्याशी सुभाष वर्मा नौ दावेदारों के नामांकनपत्र रद्द हो गए। सुभाष वर्मा का पर्चा रद्द होने के बाद बसपा ने अब उनके बेटे नवनीत सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। वहीं, रात 12 बजे के बाद पर्चा रद्द करने पर सुभाष वर्मा ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि वह इस मामले को लेकर हाईकोर्ट जाएंगे।
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सुभाष वर्मा ने भगवानपुर ब्लॉक क्षेत्र की मानकपुर आदमपुर सीट से अपना नामांकन किया था। बसपा की ओर से उन्हें अपना प्रत्याशी घोषित किया गया था। नौ से 11 सितंबर तक नामांकन पत्रों की जांच की गई। सुभाष वर्मा के नामांकन पर मानकपुर आदमपुर के राजेंद्र सिंह ने दो पत्नियां होने को लेकर आपत्ति दर्ज की थी। जांच में आपत्ति सही पाई गई।
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आपत्ति को डिप्टी कलेक्टर और चुनाव अधिकारी व्रिजेेश तिवारी ने सही मानते हुए सुुभाष वर्मा का नामांकन रद्द कर दिया। हालांकि, नामांकनपत्र रद्द करने की घोषणा रात 12:00 बजे के बाद की गई। जिससे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुभाष वर्मा ने चुनाव अधिकारी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि उनका नामांकनपत्र सरकार के इशारे पर रद्द किया गया है। उधर, जब इस बाबत डिप्टी कलेक्टर और चुनाव चुनाव अधिकारी व्रिजेश तिवारी से पूछा गया तो वह कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए।
जिला पंचायत के चुनाव अधिकारी व्रिजेश तिवारी अंजान रहते हैं। सोमवार को भी जब उनसे उनके सामने बैठकर नामांकनपत्र रद्द करने की जानकारी मांगी गई तो उन्होंने कहा है उन्हें पता नहीं है। बाहर सूची लगी है, वह देख लो, लेकिन बाहर आकर देखा तो मात्र एक नामांकनचत्र रद्द होने की सूची लगी थी। अन्य कोई सूची नहीं लगी हुई थी। इससे ग्रामीण परेशान होते रहे। हद तो यह है कि चुनाव अधिकारी को यह मालूम नहीं कि नामांकन वापस कब तक होंगे और चुनाव चिह्न कब मिलेंगे। वह कार्यालय में बैठकर यह भी सहायक निर्वाचन अधिकारियों से पूछते रहे। ऐसे में चुनाव अधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठने लाजिमी हैं।