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मौसम की मार से नहीं मानी हार

Sun, 28 Jun 2015 01:40 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/हरिद्वार
ब्यूरो, अमर उजाला/हरिद्वार Updated Sun, 28 Jun 2015 01:40 AM IST
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no weather effect on watermellon

मौसम की मार से गेहूं की फसल बर्बाद हुई तो अधिकतर किसानों की आंखों के आगे अंधेरा छा गया। वे सोच ही नहीं पा रहे कि आखिर इस नुकसान से कैसे पार पाया जाए लेकिन अहमदपुर ग्रंट गांव के एक किसान ने गेहूं की फसल काटकर उसमें खरबूजा और तरबूज बो दिए। अब हर दूसरे तीन ढाई-तीन हजार रुपये कमा रहे हैं।

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लगातार बारिश से गेहूं के दाने काले पड़ने लगे तो ब्लाक बहादराबाद के गांव अहमदपुर ग्रंट के किसान राजपाल सिंह सैनी ने भविष्य में आने वाली परेशानी को भांप लिया। वह गेहूं की खराब फसल को देखकर पहले चिंतित थे लेकिन उन्होंने हिम्मत की और बिना समय गंवाए खरबूजे और तरबूज की फसल को उगाने का फैसला किया।
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उन्होंने एक अप्रैल को अपने घर की छत पर बेटे अंकित के साथ मिलकर तरबूज और खरबूजे के पौध बो दी। गेहूं की बची-खुची दस बीघा फसल का भूसा निकाल कर 16 अप्रैल को खेत की जुताई कर दी। 18 अप्रैल को खेत में खरबूजे और तरबूज की पौध लगा दी। मई माह के अंतिम सप्ताह में खरबूजे और तरबूज तैयार हो गए।
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इस किसान को दस बीघा गेंहू की फसल में नुकसान होने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी और दो माह 12 दिन में तरबूज और खरबूजे की फसल को तैयार कर बाजार भी भेज दिया। बाजार में हर दूसरे दिन इनकी फसल जा रही है और इन्हें ढाई-तीन हजार रुपये नगद मिल रहे हैं।

अभी तक करीब 50 हजार रुपये कमा चुके हैं और पूरी फसल से 75 हजार से ज्यादा की आय होने का अनुमान है। राजपाल का कहना है कि गेहूं की फसल बर्बाद होने पर एक बार दुख हुआ था लेकिन शोक मनाने के बजाए मैंने मेहनत का विकल्प चुना। अब गेहूं की लागत भी इस फसल से निकल आई।


समय बचाया और पैसा भी कमाया
खरबूजा और तरबूज की फसल के लिए काफी पहले तैयारी करनी पड़ती है। खेत को तैयार कर पौध उगाई जाती और पौध तैयार होने पर इसे खेत में रोपा जाता है, तब जाकर जून माह में फसल तैयार होती है। लेकिन राजपाल ने कम समय में दोनों फसलों को तैयार किया है।


उसने खेत खाली होने का इंतजार नहीं किया और पौध घर की छत पर तैयार कर ली। जैसे ही खेत खाली हुआ पौधे तुरंत रोप दी।


अन्य किसानों के साथ धान की फसल भी
गेहूं की फसल बरबाद होने के बाद अधिकतर किसानों की उम्मीद धान की फसल पर टिकी है। किसान जुलाई में धान की फसल लगाएंगे। राजपाल भी अपनी इस दस बीघा जमीन में जुलाई माह में धान की फसल को उगाएंगे। खरबूजे और तरबूज की फसल उन्होंने खाली समय में ली है। गेहूं कटाई के बाद धान लगने तक खेत खाली ही रहते हैं।

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