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जरा धीरे चलना, बड़े गड्ढे हैं इस राह में...
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बदहाल पड़ा पथरी रौ पुल वाला मार्ग।
- फोटो : HARIDWAR
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पांच गांवों और सिडकुल को जोड़ने वाले पथरी रो पुल की हालत खराब हो गई है। सौ मीटर का लंबा हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। कुंभ में दोनों नहरों के मध्य धनौरी से सलेमपुर सिडकुल तक नई सड़क बनी, लेकिन सौ मीटर हिस्सा तब भी नहीं बना। अब आवाजाही करने में काफी जूझना पड़ रहा है। अक्सर दुर्घटनाएं हो रही हैं।
धनौरी से गढ, मीरपुर, पूरणपुर, कुतुबपुर, सुमन नगर और सिडकुल को जाने के लिए पथरी रौ पुल का इस्तेमाल होता है। इस पुल से हर रोज हजारों वाहन होकर गुजरते हैं। ग्रामीणों के वाहनों के अलावा सिडकुल के मालवाहक वाहन भी बड़ी संख्या में गुजरते हैं। पुल के दोनों ओर अच्छी सड़कें बनाई गई। पुल पर आकर अचानक सड़क खत्म हो जाती है।
जसवावाला गांव निवासी नितिन सैनी बताते हैं, रास्ते से अनजान वाहन चालक सीधे आकर पुल पर बने गड्ढे में गिर जाते हैं। गहरे गड्ढे में गिरकर कई वाहनों की कमानी और अन्य पुर्जे टूट चुके हैं। हर महीने यहां गिरकर कई लोग घायल हो चुके हैं। स्पर्श चौहान का कहना है कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि लोगों की समस्या को लेकर अनजान बने हैं।
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170 साल पुराना है पुल
सिंचाई विभाग ने इस पुल पर 170 पुराना होने का बोर्ड लगाकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली है। सिंचाई विभाग की ओर से लगाए गये बोर्ड पर लिखा गया है कि पुल भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित है। सिंचाई विभाग की ओर से भारी वाहनों की पुल पर आवाजाही रोकने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
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धनौरी से गढ, मीरपुर, पूरणपुर, कुतुबपुर, सुमन नगर और सिडकुल को जाने के लिए पथरी रौ पुल का इस्तेमाल होता है। इस पुल से हर रोज हजारों वाहन होकर गुजरते हैं। ग्रामीणों के वाहनों के अलावा सिडकुल के मालवाहक वाहन भी बड़ी संख्या में गुजरते हैं। पुल के दोनों ओर अच्छी सड़कें बनाई गई। पुल पर आकर अचानक सड़क खत्म हो जाती है।
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जसवावाला गांव निवासी नितिन सैनी बताते हैं, रास्ते से अनजान वाहन चालक सीधे आकर पुल पर बने गड्ढे में गिर जाते हैं। गहरे गड्ढे में गिरकर कई वाहनों की कमानी और अन्य पुर्जे टूट चुके हैं। हर महीने यहां गिरकर कई लोग घायल हो चुके हैं। स्पर्श चौहान का कहना है कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि लोगों की समस्या को लेकर अनजान बने हैं।
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170 साल पुराना है पुल
सिंचाई विभाग ने इस पुल पर 170 पुराना होने का बोर्ड लगाकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली है। सिंचाई विभाग की ओर से लगाए गये बोर्ड पर लिखा गया है कि पुल भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित है। सिंचाई विभाग की ओर से भारी वाहनों की पुल पर आवाजाही रोकने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।