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Haridwar News: गेहूं काटते हुए मिला टॉपर का ताज, टॉप कर जोनिश ने रचा इतिहास

Sun, 26 Apr 2026 01:18 AM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार Updated Sun, 26 Apr 2026 01:18 AM IST
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Jonish made history by becoming the topper while harvesting wheat

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- सपनों में गरीब और अनपढ़ माता-पिता के बेटे ने जिले में तीसरा और प्रदेश में पाया 12 वां स्थान



- स्कूल की छुट्टियों में पिता और भाई संग खेतों में मिले गेहूं काटते

- बेटे की सफलता पर बात करते हुए पिता का भर आया गला



बसंत कुमार

हरिद्वार। खेत की सुनहरी बालियों के बीच पसीना बहाता एक किशोर, हाथ में दरांती, चेहरे पर सादगी और दिल में एक बड़ी जीत का अहसास। यही तस्वीर है जोनिश कुमार की, जिसने 95.20% अंक हासिल कर हाईस्कूल में जिले में तीसरा और पूरे उत्तराखंड में 12वां स्थान प्राप्त किया, लेकिन परिणाम वाले दिन भी वह खेत में मजदूरी करता रहा।




राष्ट्रीय इंटर कॉलेज औरंगाबाद आनेकी का छात्र जोनिश उस समय सुर्खियों में आया जब उत्तराखंड बोड परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ। आर्थिक रूप से कमजोर और अशिक्षित माता-पिता के इस बेटे ने बिना किसी कोचिंग के यह मुकाम हासिल किया। उसके पिता राजेश कुमार और माता सोनिया देवी सिडकुल की फैक्ट्री में नौकरी करते हैं व इन दिनों दोनों गेहूं की कटाई कर रहे हैं। परिणाम घोषित होने के दौरान भी जोनिश अपने माता-पिता के साथ गेंहू की फसल की कटाई कर रहा था। उसने बताया कि उसे अपने अंकों का अंदाजा था लेकिन वह इस बात से अनभिज्ञ था कि उसने प्रदेश भर में 12वां स्थान प्राप्त किया है। अमर उजाला की ओर से मोबाइल फोन पर की गई बातचीत के दौरान उन्हें पता चला कि उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कपड़े बदलकर फोटो खिंचवाई रोजाना और बताया कि रोजाना 2-3 घंटे पढ़ाई कर उन्होंने यह मुकाम पाया। उनका सपना है कि वह आगे चलकर डॉक्टर बनना है। जोनिश ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों, माता-पिता और भाइयों का दिया। उसके पिता राजेश कुमार बेटे की उपलब्धि पर भावुक हो उठे और गर्व से कहा कि उनका बेटा एक दिन गांव का नाम जरूर रोशन करेगा। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने और माता-पिता के अशिक्षित होने के बावजूद उसके दो बड़े भाई भी बीकॉम और बीबीए की पढ़ाई कर रहे हैं। कॉलेज के प्रबंधक धर्मेंद्र सिंह चौहान ने जोनिश के उज्जवल भविष्य की कामना की है।
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