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जेल नहीं फर्नीचर्स का शोरूम बोलिए जनाब
कुणाल दरगन हरिद्वार
Updated Sun, 19 Mar 2017 10:21 PM IST
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हरिद्वार की जेल की पहचान अब फर्नीचर्स शोरूम के रूप में भी हो रही है। आप ऑर्डर पर अपना मनचाहा फर्नीचर्स बनवा सकते हैं, वो भी बाजार से सस्ते दामों पर। यही नहीं आप मैटीरियल भी खुद दे सकते हैं। देश भर में लगने वाली प्रदर्शनी में जेल में बन रहे फर्नीचर्स के आइटम जमकर बिक रहे हैं।
जेल में फर्नीचर्स बनाने की शुरूआत कई वर्ष पहले हुई थी, लेकिन जेल की जरूरत के लिहाज से ही फर्नीचर्स बनता है। कुछ समय पहले फर्नीचर्स के बाजार में भी जेल प्रशासन ने अपना भाग्य आजमाने की ठानी। जेल अधीक्षक एसके सुखीजा ने जेल में कैद उन कैदियों को ढूंढा, जो कारपेंटर के कार्य में निपुण थे। जेल अधीक्षक ने खुद अपने घर के लिए फर्नीचर्स भी बनवाया। फिर धीरे-धीरे देश भर में लगने वाली प्रदर्शनी में अपना फर्नीचर्स उतारा। हाल ही में हरियाणा और देहरादून में लगी प्रदर्शनी में हरिद्वार जेल प्रशासन ने करीब एक लाख, तीस हजार का फर्नीचर्स बेचा। जेल अधीक्षक एसके सुखीजा के मुताबिक कोई आम शहरी भी फर्नीचर्स बनवा सकता है। यदि वह अपना मैटीरियल लकड़ी दे देता है तो ठीक, वरना लकड़ी बाजार से खरीद ली जाती है। जेल में फिलहाल कई डिजाइन के शू रैक, मछली डिजाइनदार चकला बेलन, मिनी टेबल, टेबल, रॉकिंग चेयर और कुछ शोपीस तैयार हैं। कई आम शहरी यहां से डबल बेड, डाइनिंग टेबल, टेबल, सोफा बनवा चुके है। बताया कि करीब 50 कैदियों की टीम फर्नीचर्स बनाने का कार्य करती है।
जेल में फर्नीचर्स बनाने की शुरूआत कई वर्ष पहले हुई थी, लेकिन जेल की जरूरत के लिहाज से ही फर्नीचर्स बनता है। कुछ समय पहले फर्नीचर्स के बाजार में भी जेल प्रशासन ने अपना भाग्य आजमाने की ठानी। जेल अधीक्षक एसके सुखीजा ने जेल में कैद उन कैदियों को ढूंढा, जो कारपेंटर के कार्य में निपुण थे। जेल अधीक्षक ने खुद अपने घर के लिए फर्नीचर्स भी बनवाया। फिर धीरे-धीरे देश भर में लगने वाली प्रदर्शनी में अपना फर्नीचर्स उतारा। हाल ही में हरियाणा और देहरादून में लगी प्रदर्शनी में हरिद्वार जेल प्रशासन ने करीब एक लाख, तीस हजार का फर्नीचर्स बेचा। जेल अधीक्षक एसके सुखीजा के मुताबिक कोई आम शहरी भी फर्नीचर्स बनवा सकता है। यदि वह अपना मैटीरियल लकड़ी दे देता है तो ठीक, वरना लकड़ी बाजार से खरीद ली जाती है। जेल में फिलहाल कई डिजाइन के शू रैक, मछली डिजाइनदार चकला बेलन, मिनी टेबल, टेबल, रॉकिंग चेयर और कुछ शोपीस तैयार हैं। कई आम शहरी यहां से डबल बेड, डाइनिंग टेबल, टेबल, सोफा बनवा चुके है। बताया कि करीब 50 कैदियों की टीम फर्नीचर्स बनाने का कार्य करती है।
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