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संतों की धमकी, मुकदमे वापस नहीं हुए तो भुगतना पड़ेगा परिणाम
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पत्रकारों से वार्ता करते धर्म संसद के संरक्षक और वरिष्ठ महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरी व अन्य ।
- फोटो : HARIDWAR
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धर्म संसद के संरक्षक एवं वरिष्ठ महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि ने संतों पर दर्ज मुकदमे को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज हुई है और समय रहते सरकार उन्हें वापस लेगी तो अच्छा है। वरना, संतों के कोप, क्रोध और सम्मान नहीं करने का परिणाम भुगतान पड़ेगा। उन्होंने सवाल उठाए कि हरिद्वार और छत्तीसगढ़ में आयोजित धर्म संसद में वेटिकन सिटी और पाकिस्तान इतनी रुचि क्यों ले रहे हैं। हमारी लड़ाई मुद्दों की है और 16 जनवरी को बैरागी कैंप में आयोजित होने वाली प्रतिकार सभा में हजारों संत शामिल होंगे।
सोमवार को शांभवी धाम में पत्रकारों से वार्ता करते हुए महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि ने कहा कि पिछले दिनों हरिद्वार और छत्तीसगढ़ में धर्म संसद हुई। प्रतिष्ठित साधु-संतों ने हिंदू धर्म, संस्कृति और परंपराओं पर जो आघात हो रहा है, उस पर चोट की। धर्म संसद से जिहादी और अलगाववादी ताकतें परेशान हो गई हैं। पाकिस्तान ने भारत के राजदूत को तलब किया और वेटिकन सिटी ने भी इस मामले में ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने जिहादियों और वेटिकन सिटी के दबाव में आकर संतों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
संतों ने देशद्रोही और जिहादियों के खिलाफ संघर्ष करने की बात कही है। सरकार मुकदमे वापस ले तो अच्छा रहेगा। यतींद्रानंद गिरि ने कहा कि भारत विशुद्ध रूप से हिंदू राष्ट्र है। धर्म संसद में केवल इसी बात पर विशेष चर्चा हुई। संतों ने हमेशा मर्यादाओं की रक्षा की है। वह धर्म, संस्कृति और परंपराओं को सुरक्षित रखने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि बैरागी कैंप में होने वाली प्रतिकार सभा राजनीतिक नहीं बल्कि पूरी तरह धार्मिक कार्यक्रम है। सभा में शतचंडी यज्ञ होगा और इसमें पूरे विश्व से कोरोना के खात्मे और मंगल कामना के लिए पूर्ण आहुति दी जाएगी। इसमें देश के साथ ही हरिद्वार के सभी संत मौजूद रहेंगे। इस दौरान अधीर कौशिक भी मौजूद थे।
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कोर्ट को सच्चाई बताएंगे संत : अमृतानंद
धर्म संसद कोर कमेटी के सदस्य स्वामी अमृतानंद ने कहा संतों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। संत कोर्ट को सच्चाई बताएंगे कि उन्होंने धर्म संसद में क्या कहा। वह किसी के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन कोई मारने की धमकी देगा तो बरदाश्त नहीं करेंगे। संतों ने केवल अपनी तैयारी की बात कही है।
नौ लोगों के नाम याचिका में शामिल
वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं अधिवक्ता कपिल सिब्बल की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में ‘एंटी मुस्लिम हेट स्पीच’ नाम से एक याचिका दायर की गई है। याचिका में महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद, सागर सिंधु महाराज, धर्मदास, प्रेमानंद, साध्वी अन्नपूर्णा, स्वामी आनंद स्वरूप, अश्वनी उपाध्याय, सुरेश चव्हाण के और स्वामी प्रबोधानंद गिरि के नाम हैं।
सिब्बल का चेहरा पहले से उजागर : यतींद्रानंद
स्वामी यतींद्रानंद ने कहा कि कपिल सिब्बल समेत आठ से दस ऐसे अधिवक्ता हैं, जो आतंकवादियों और देशद्रोहियों के मुकदमे लड़ते हैं। साथ ही इसके लिए करोड़ों रुपये की फीस लेते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि देशद्रोहियों और आतंकियों के मुकदमे लड़ने के लिए इन्हें करोड़ों रुपये कौन देता है। कहा कि कपिल सिब्बल का चेहरा पहले से ही उजागर है।
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सोमवार को शांभवी धाम में पत्रकारों से वार्ता करते हुए महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि ने कहा कि पिछले दिनों हरिद्वार और छत्तीसगढ़ में धर्म संसद हुई। प्रतिष्ठित साधु-संतों ने हिंदू धर्म, संस्कृति और परंपराओं पर जो आघात हो रहा है, उस पर चोट की। धर्म संसद से जिहादी और अलगाववादी ताकतें परेशान हो गई हैं। पाकिस्तान ने भारत के राजदूत को तलब किया और वेटिकन सिटी ने भी इस मामले में ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने जिहादियों और वेटिकन सिटी के दबाव में आकर संतों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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संतों ने देशद्रोही और जिहादियों के खिलाफ संघर्ष करने की बात कही है। सरकार मुकदमे वापस ले तो अच्छा रहेगा। यतींद्रानंद गिरि ने कहा कि भारत विशुद्ध रूप से हिंदू राष्ट्र है। धर्म संसद में केवल इसी बात पर विशेष चर्चा हुई। संतों ने हमेशा मर्यादाओं की रक्षा की है। वह धर्म, संस्कृति और परंपराओं को सुरक्षित रखने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि बैरागी कैंप में होने वाली प्रतिकार सभा राजनीतिक नहीं बल्कि पूरी तरह धार्मिक कार्यक्रम है। सभा में शतचंडी यज्ञ होगा और इसमें पूरे विश्व से कोरोना के खात्मे और मंगल कामना के लिए पूर्ण आहुति दी जाएगी। इसमें देश के साथ ही हरिद्वार के सभी संत मौजूद रहेंगे। इस दौरान अधीर कौशिक भी मौजूद थे।
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कोर्ट को सच्चाई बताएंगे संत : अमृतानंद
धर्म संसद कोर कमेटी के सदस्य स्वामी अमृतानंद ने कहा संतों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। संत कोर्ट को सच्चाई बताएंगे कि उन्होंने धर्म संसद में क्या कहा। वह किसी के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन कोई मारने की धमकी देगा तो बरदाश्त नहीं करेंगे। संतों ने केवल अपनी तैयारी की बात कही है।
नौ लोगों के नाम याचिका में शामिल
वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं अधिवक्ता कपिल सिब्बल की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में ‘एंटी मुस्लिम हेट स्पीच’ नाम से एक याचिका दायर की गई है। याचिका में महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद, सागर सिंधु महाराज, धर्मदास, प्रेमानंद, साध्वी अन्नपूर्णा, स्वामी आनंद स्वरूप, अश्वनी उपाध्याय, सुरेश चव्हाण के और स्वामी प्रबोधानंद गिरि के नाम हैं।
सिब्बल का चेहरा पहले से उजागर : यतींद्रानंद
स्वामी यतींद्रानंद ने कहा कि कपिल सिब्बल समेत आठ से दस ऐसे अधिवक्ता हैं, जो आतंकवादियों और देशद्रोहियों के मुकदमे लड़ते हैं। साथ ही इसके लिए करोड़ों रुपये की फीस लेते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि देशद्रोहियों और आतंकियों के मुकदमे लड़ने के लिए इन्हें करोड़ों रुपये कौन देता है। कहा कि कपिल सिब्बल का चेहरा पहले से ही उजागर है।