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लात्विया में भारतीय संस्कृति एवं अध्ययन का प्रथम केंद्र शुरू
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Thu, 23 Feb 2017 10:35 PM IST
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ऋषि परंपरा पर आधारित देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज का लात्विया के बेजनीक्स शहर में सेंटर ऑफ इंडियन स्टडीज एंड कल्चर के केंद्र शुरू हो गया। स्वीडन और लात्विया में भारतीय राजदूत एचई मोनिक मेहता की उपस्थिति में देव संस्कृति के प्रतिकुलपति डा. चिन्मय पंड्या ने इंटरनेट के माध्यम से केंद्र का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया।
देसंविवि के प्रतिकुलपति डा.. चिन्मय पंड्या ने बताया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य परंपरागत शिक्षा का अध्यात्म व विज्ञान के साथ समन्वय करना है। उन्होंने बताया कि देसंविवि का भारत के अलावा जर्मनी, अर्जेंटिना, रसिया, चीन, इंडोनेशिया, इटली, अमेरिका आदि देशों के साथ अब तक 30 से अधिक शैक्षणिक अनुबंध (एमओयू) हो चुके हैं। लात्विया का यह केंद्र देव संस्कृति विश्वविद्यालय में स्थापित बाल्टिक सेंटर के सहयोगी संस्था के रूप में कार्य करेगा। देसंविवि के कुलाधिपति डा. प्रणव पंड्या और शैल जीजी ने कहा कि केंद्र में भारतीय संस्कृति, योग, भारतीय शास्त्रीय संगीत व नृत्य के पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे।
देसंविवि के प्रतिकुलपति डा.. चिन्मय पंड्या ने बताया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य परंपरागत शिक्षा का अध्यात्म व विज्ञान के साथ समन्वय करना है। उन्होंने बताया कि देसंविवि का भारत के अलावा जर्मनी, अर्जेंटिना, रसिया, चीन, इंडोनेशिया, इटली, अमेरिका आदि देशों के साथ अब तक 30 से अधिक शैक्षणिक अनुबंध (एमओयू) हो चुके हैं। लात्विया का यह केंद्र देव संस्कृति विश्वविद्यालय में स्थापित बाल्टिक सेंटर के सहयोगी संस्था के रूप में कार्य करेगा। देसंविवि के कुलाधिपति डा. प्रणव पंड्या और शैल जीजी ने कहा कि केंद्र में भारतीय संस्कृति, योग, भारतीय शास्त्रीय संगीत व नृत्य के पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे।
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