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दिल की बीमारी से अगर है बचना है तो अपनाएं स्वस्थ जीवन शैली : डॉ. शाह
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फोटो :
- विश्व हृदय दिवस पर आयोजित की गई गोष्ठी
- विशेषज्ञों ने बताए हृदय रोग से बचाव के उपाय
माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। कम उम्र के लोगों में भी हृदय रोग का खतरा बढ़ रहा है। हालांकि लोगों को हृदय रोगों की गंभीरता का तब तक पता नहीं चलता जब तक वह इससे पीड़ित न हो जाएं। इस कारण लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए विश्व हृदय दिवस पर गोष्ठी का आयोजन किया गया।
‘यूज हार्ट, नो हार्ट’ यानी हृदय का उपयोग करें और हृदय को जानें विषयक गोष्ठी में विशेषज्ञों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के सुझाव दिए। गोष्ठी में मेडिकल डायरेक्टर, स्वामी रामप्रकाश चैरिटेबल हॉस्पिटल डाॅ. संजय शाह ने बताया कि हृदय रोगों में स्ट्रोक, जन्मजात हृदय दोष, हृदयाघात, कार्डियक अरेस्ट, पेरिकार्डियल बहाव, रुमेटिक हृदय रोग, कोरोनरी धमनी रोग, एनजाइना आदि शामिल हैं।
दिल की इन गंभीर बीमारियों से दूर रहने के लिए स्वस्थ जीवन शैली को अपनाने की जरूरत है। हृदय रोगों का मुख्य कारण है उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल की अधिकता। कोलेस्ट्रॉल के अणुओं का आकार भी दिल के रोगों की संभावना बढ़ाता है। रक्त नलिकाओं की भीतरी दीवारों पर बुरे कोलेस्ट्रॉल का जमना आदि इस श्रेणी में आता है। इसके कारण रक्त वाहिनियां संकरी हो जाती हैं और हृदय के रक्त की आपूर्ति कम हो जाती है। बढ़ती आयु के साथ-साथ कसरत करना जरूरी हो जाता है, जिसमें सुबह-शाम की सैर और हल्के व्यायाम को शामिल किया जा सकता है।
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- विश्व हृदय दिवस पर आयोजित की गई गोष्ठी
- विशेषज्ञों ने बताए हृदय रोग से बचाव के उपाय
माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। कम उम्र के लोगों में भी हृदय रोग का खतरा बढ़ रहा है। हालांकि लोगों को हृदय रोगों की गंभीरता का तब तक पता नहीं चलता जब तक वह इससे पीड़ित न हो जाएं। इस कारण लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए विश्व हृदय दिवस पर गोष्ठी का आयोजन किया गया।
‘यूज हार्ट, नो हार्ट’ यानी हृदय का उपयोग करें और हृदय को जानें विषयक गोष्ठी में विशेषज्ञों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के सुझाव दिए। गोष्ठी में मेडिकल डायरेक्टर, स्वामी रामप्रकाश चैरिटेबल हॉस्पिटल डाॅ. संजय शाह ने बताया कि हृदय रोगों में स्ट्रोक, जन्मजात हृदय दोष, हृदयाघात, कार्डियक अरेस्ट, पेरिकार्डियल बहाव, रुमेटिक हृदय रोग, कोरोनरी धमनी रोग, एनजाइना आदि शामिल हैं।
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दिल की इन गंभीर बीमारियों से दूर रहने के लिए स्वस्थ जीवन शैली को अपनाने की जरूरत है। हृदय रोगों का मुख्य कारण है उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल की अधिकता। कोलेस्ट्रॉल के अणुओं का आकार भी दिल के रोगों की संभावना बढ़ाता है। रक्त नलिकाओं की भीतरी दीवारों पर बुरे कोलेस्ट्रॉल का जमना आदि इस श्रेणी में आता है। इसके कारण रक्त वाहिनियां संकरी हो जाती हैं और हृदय के रक्त की आपूर्ति कम हो जाती है। बढ़ती आयु के साथ-साथ कसरत करना जरूरी हो जाता है, जिसमें सुबह-शाम की सैर और हल्के व्यायाम को शामिल किया जा सकता है।
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