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रिक्वेस्ट मनी का आए लिंक तो हो जाइए सावधान
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यदि आपके मोबाइल फोन पर किसी अंजान नंबर से रिक्वेस्ट मनी का लिंक आए तो सावधान हो जाइए। अब जालसाजों ने यूपीआई को ठगी करने का नया हथियार बना लिया है। युवा और बुजुर्ग लोगों को मोबाइल फोन पर लिंक भेजकर रकम उड़ाई जा रही है। इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। ठगी से बचने के लिए जागरूक होने की जरूरत है। साथ ही पुलिस और साइबर सेल में तत्काल शिकायत दर्ज कराएं।
बदलते समय के साथ हर चीज डिजिटल की तरफ बढ़ी है, उसी तरह ठगी करने वालों ने भी अपना तरीका बदल लिया है। डिजिटल के इस दौर में मोबाइल फोन से पैसे बैंक खातों में ट्रांसफर करने की व्यवस्था शुरू हुई तो जालसाजों ने इसके जरिये भी लोगों को ठगना शुरू कर दिया।
करीब दो सप्ताह पहले एक छात्र के मोबाइल फोन पर लिंक आया। जिस पर लिखा था कि संस्था नि:शुल्क शिक्षा ग्रहण कराएगी। लिंक ओपन करने पर पूरी जानकारी मिल पाएगी। क्लिक करते ही खाते से ढाई हजार रुपये उड़ गए। इसी तरह ज्वालापुर के एक व्यक्ति के खाते से यूपीआईपी के जरिये पांच हजार रुपये की ठगी कर ली गई थी। इस तरह के कई मामले रोज सामने आ रहे हैं। साइबर सेल ऐसे में मामलों में मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी हुई है।
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इस तरह बचा सकते हैं रकम
बैंक के कस्टमर केयर नंबर पर फोन कर धोखाधड़ी से की गई ट्रांजेक्शन की शिकायत दर्ज कराएं। मोबाइल एप के अंदर दो विकल्प हेल्प और सपोर्ट होते हैं। हेल्प विकल्प पर शिकायत करने के एक या दो मिनट बाद रकम होल्ड की जा सकती है।
साइबर ठगी से बचने के लिए व्यक्ति को भी जागरूक होना बहुत जरूरी है। यदि किसी तरह की ठगी हो जाए तो तत्काल पुलिस और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई जाएं। पुलिस विभिन्न माध्यमों से साइबर ठगी से बचने के लिए लगातार जागरूक कर रही है।
- डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, एसएसपी
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बदलते समय के साथ हर चीज डिजिटल की तरफ बढ़ी है, उसी तरह ठगी करने वालों ने भी अपना तरीका बदल लिया है। डिजिटल के इस दौर में मोबाइल फोन से पैसे बैंक खातों में ट्रांसफर करने की व्यवस्था शुरू हुई तो जालसाजों ने इसके जरिये भी लोगों को ठगना शुरू कर दिया।
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करीब दो सप्ताह पहले एक छात्र के मोबाइल फोन पर लिंक आया। जिस पर लिखा था कि संस्था नि:शुल्क शिक्षा ग्रहण कराएगी। लिंक ओपन करने पर पूरी जानकारी मिल पाएगी। क्लिक करते ही खाते से ढाई हजार रुपये उड़ गए। इसी तरह ज्वालापुर के एक व्यक्ति के खाते से यूपीआईपी के जरिये पांच हजार रुपये की ठगी कर ली गई थी। इस तरह के कई मामले रोज सामने आ रहे हैं। साइबर सेल ऐसे में मामलों में मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी हुई है।
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बैंक के कस्टमर केयर नंबर पर फोन कर धोखाधड़ी से की गई ट्रांजेक्शन की शिकायत दर्ज कराएं। मोबाइल एप के अंदर दो विकल्प हेल्प और सपोर्ट होते हैं। हेल्प विकल्प पर शिकायत करने के एक या दो मिनट बाद रकम होल्ड की जा सकती है।
साइबर ठगी से बचने के लिए व्यक्ति को भी जागरूक होना बहुत जरूरी है। यदि किसी तरह की ठगी हो जाए तो तत्काल पुलिस और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई जाएं। पुलिस विभिन्न माध्यमों से साइबर ठगी से बचने के लिए लगातार जागरूक कर रही है।
- डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, एसएसपी