फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Haridwar News paddy procurement limit reduced after crop survey farmers to sell rice based on yield

हरिद्वार: सर्वे में घटा धान का उत्पादन तो अब पहले की तरह नहीं बेच पाएंगे किसान, सरकारी खरीद पर पड़ेगा असर

Wed, 21 Oct 2026 02:33 PM IST
Renu Saklani बसंत कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
बसंत कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार Published by: Renu Saklani Updated Wed, 21 Oct 2026 02:33 PM IST
सार

हरिद्वार जिले में धान की क्रॉप कटिंग के सर्वे में औसत उत्पादन घटने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। अब सरकारी खरीद केंद्रों पर किसान अपने खेत के निर्धारित उत्पादन के हिसाब से ही धान बेच सकेंगे, जिससे पहले की तरह धान बेच पाना मुश्किल हो सकता है।

विज्ञापन
Haridwar News paddy procurement limit reduced after crop survey farmers to sell rice based on yield
धान - फोटो : प्रतीकात्मक

विस्तार

सर्वे में धान का उत्पादन घटने से किसान पहले की तरह अपना धान नहीं बेच पाएंगे। दरअसल, जनपद में 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर धान का उत्पादन घट गया है। ऐसे में किसानों का धान सरकारी केंद्रों पर उत्पादन के हिसाब से खरीदा जाएगा। इससे किसान अपना धान बेचने के लिए चिंतित नजर आ रहे हैं।

विज्ञापन

सरकार की ओर से गेहूं और धान का औसतन उत्पादन जानने के लिए क्रॉप कटिंग कराई जाती है। इसमें जनपद के अधिकारियों की ओर से खेतों में जाकर क्रॉप कटिंग की जाती है। इसकी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाती है। शासन की ओर से प्रदेश का औसत उत्पादन निकाला जाता है। इसके आधार पर ही किसानों से धान और गेहूं खरीदा जाता है।

विज्ञापन

पिछले साल हुई धान की क्राॅप कटिंग के औसत उत्पादन को जिला स्तर पर लिया गया है लेकिन इससे जनपद का औसतन उत्पादन बहुत अधिक गिर गया है जो प्रदेश स्तर पर पहले 60 हेक्टेयर (15 बीघा) प्रति क्विंटल था। वह अब कम होकर 35 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रह गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

अब इसी उत्पादित मानक से किसानों का धान खरीदा जाएगा। इस वजह से सर्वे से अधिक उत्पादन करने वाले किसान अपना धान सरकारी केंद्रों पर नहीं बेच पाएंगे जबकि पहले 60 क्विंटल प्रति हेक्टेयर धान का उत्पादन होने से किसानों कोई परेशानी नहीं आती थी इसलिए इसका किसान संगठनों की ओर से भी विरोध किया जा रहा है। उनकी ओर से पूर्व के सर्वे की तरह किसानों का धान खरीदने की छूट देने की मांग की जा रही है।


ये भी पढे़ं...हरिद्वार: 18 दिन गंगा स्नान पर ब्रेक, हरकी पैड़ी पर नहीं आएगा पानी, दिल्ली-एनसीआर तक दिखेगा असर, जानें वजह

धान के बढ़ाए 12 खरीद केंद्र

जनपद में इस बार धान की खरीदारी के लिए 56 सरकारी केंद्र बनाए हैं जो पिछले साल से 12 अधिक बढ़ाए गए हैं क्योंकि पिछले साल 44 केंद्र बनाए गए थे। सामान्य धान का सरकारी मूल्य 2441 और ग्रेड-ए के धान की कीमत 2461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की गई है। अब तक जनपद में एक अक्तूबर तक चल रही खरीद में मात्र 600 क्विंटल धान की खरीद हुई है।

शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार ही किसानों से धान खरीदा जाएगा लेकिन किसानों का समस्त धान खरीदा जाएगा। इसमें किसानों को चिंता की जरूरत नहीं है। धान की खरीदारी भी कटाई में तेजी होने से बढ़ जाएगी। -प्रमोद सती, उप संभागीय विपणन अधिकारी, हरिद्वार
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed