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स्वच्छता रैकिंग में हरिद्वार ने लगाई 132 पायदान की छलांग
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स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 परिणाम बृहस्पतिवार को जारी हो गए। इस बार हरिद्वार नगर निगम ने स्वच्छता रैंकिंग में 132 पायदान की लंबी छलांग लगाई है। देश के स्वच्छ शहरों में हरिद्वार को 244 वां स्थान मिला है। जबकि पिछली बार हरिद्वार 376वें पायदान पर था। वहीं प्रदेश में पांचवें स्थान पर आने का गौरव हासिल किया है।
आखिरकार हरिद्वार नगर निगम और कूड़ा निस्तारण कंपनी केआरएल कर्मचारियों की मेहनत रंग लाई है। स्वच्छता रैकिंग में नगर निगम को को 244वां स्थान मिला है। वहीं प्रदेश में निगम पांचवें पायदान पर है। रैकिंग में नंबर में हरिद्वार को 2190.68 अंक मिले हैं। इसमें सबसे अधिक अंक आम लोगों की प्रति पुष्टि के लिए मिले। खास बात यह रही की जहां दूसरे नगर निकायों ने आम लोगों की प्रति पुष्टि के लिए एजेंसियों की मदद ली। वहीं हरिद्वार नगर निगम ने इसके लिए निगम कर्मचारी, केआरएल और नमामि गंगे कर्मचारियों का सहयोग लिया।
चार फरवरी को स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 शुरू हुआ था। 28 दिन में शुरुआत में हरिद्वार ने बेहद धीमी शुरुआत की। बाद में सहायक नगर आयुक्त उत्तम सिंह नेगी ने व्यवस्थाएं अपनी हाथ में ली। उन्होंने आम लोगों की प्रति पुष्टि पर जोर दिया। साथ शहर को स्वच्छ बनाने के लिए तमाम मौजूदा संसाधनों को झोंक दिया था। 21547 लोगों ने स्वच्छता सर्वेक्षण में फोन कॉल और एप के माध्यम से अपनी प्रति पुष्टि दी। सीमित संसाधनों बावजूद हरिद्वार नगर निगम ने रैंकिंग में जबरदस्त सुधार किया।
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सीमित संसाधनों के बावजूद नगर निगम ने स्वच्छता रैकिंग में सुधार की है। निगमकर्मियों के साथ केआरएल और आकांक्षा इंटरप्राइजेज के कर्मचारियों ने सर्वेक्षण के दौरान अपना योगदान दिया। शहरवासियों ने भी अपनी प्रतिपुष्टि दर्ज कराने में पूरा सहयोग किया।
- उत्तम सिंह नेगी, सहायक नगर आयुक्त।
हमारे पास पूरी तरह से विकसित प्लांट नहीं था। कूड़ा वाहन, रेहड़े और पर्याप्त संख्या में कूड़ेदान जैसे संसाधनों की कमी भी थी। इसके बावजूद कंपनी के सभी कर्मचारी स्वच्छता सर्वेक्षण में पूरी मेहनत के साथ जुटे रहे। इसके लिए नगर निगम के साथ पूरी टीम ने बेहतर काम किया है।
- सुखबीर सिंह, प्रबंधन निदेशक, केआरएल वेस्ट मैनेजमेंट
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आखिरकार हरिद्वार नगर निगम और कूड़ा निस्तारण कंपनी केआरएल कर्मचारियों की मेहनत रंग लाई है। स्वच्छता रैकिंग में नगर निगम को को 244वां स्थान मिला है। वहीं प्रदेश में निगम पांचवें पायदान पर है। रैकिंग में नंबर में हरिद्वार को 2190.68 अंक मिले हैं। इसमें सबसे अधिक अंक आम लोगों की प्रति पुष्टि के लिए मिले। खास बात यह रही की जहां दूसरे नगर निकायों ने आम लोगों की प्रति पुष्टि के लिए एजेंसियों की मदद ली। वहीं हरिद्वार नगर निगम ने इसके लिए निगम कर्मचारी, केआरएल और नमामि गंगे कर्मचारियों का सहयोग लिया।
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चार फरवरी को स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 शुरू हुआ था। 28 दिन में शुरुआत में हरिद्वार ने बेहद धीमी शुरुआत की। बाद में सहायक नगर आयुक्त उत्तम सिंह नेगी ने व्यवस्थाएं अपनी हाथ में ली। उन्होंने आम लोगों की प्रति पुष्टि पर जोर दिया। साथ शहर को स्वच्छ बनाने के लिए तमाम मौजूदा संसाधनों को झोंक दिया था। 21547 लोगों ने स्वच्छता सर्वेक्षण में फोन कॉल और एप के माध्यम से अपनी प्रति पुष्टि दी। सीमित संसाधनों बावजूद हरिद्वार नगर निगम ने रैंकिंग में जबरदस्त सुधार किया।
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सीमित संसाधनों के बावजूद नगर निगम ने स्वच्छता रैकिंग में सुधार की है। निगमकर्मियों के साथ केआरएल और आकांक्षा इंटरप्राइजेज के कर्मचारियों ने सर्वेक्षण के दौरान अपना योगदान दिया। शहरवासियों ने भी अपनी प्रतिपुष्टि दर्ज कराने में पूरा सहयोग किया।
- उत्तम सिंह नेगी, सहायक नगर आयुक्त।
हमारे पास पूरी तरह से विकसित प्लांट नहीं था। कूड़ा वाहन, रेहड़े और पर्याप्त संख्या में कूड़ेदान जैसे संसाधनों की कमी भी थी। इसके बावजूद कंपनी के सभी कर्मचारी स्वच्छता सर्वेक्षण में पूरी मेहनत के साथ जुटे रहे। इसके लिए नगर निगम के साथ पूरी टीम ने बेहतर काम किया है।
- सुखबीर सिंह, प्रबंधन निदेशक, केआरएल वेस्ट मैनेजमेंट