{"_id":"66eb26c0b77c619ed8002c03","slug":"haridwar-fourth-accused-involved-in-robbery-worth-crores-arrested-from-haryana-2024-09-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haridwar : करोड़ों की डकैती में शामिल चौथा आरोपी हरियाणा से गिरफ्तार, गिरोह का सरगना अब भी पकड़ से बाहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haridwar : करोड़ों की डकैती में शामिल चौथा आरोपी हरियाणा से गिरफ्तार, गिरोह का सरगना अब भी पकड़ से बाहर
Thu, 19 Sep 2024 12:45 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हरिद्वार
अमर उजाला नेटवर्क, हरिद्वार
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 19 Sep 2024 12:45 AM IST
सार
आरोपी के पास से डकैती के बाद मिले रुपये से खरीदा गया मोबाइल और 13.50 हजार रुपये बरामद हुए। गैंग का सरगना अभी हत्थे नहीं चढ़ पाया है। कई टीम आरोपी की तलाश में जुटी हुई हैं।
विज्ञापन
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया...
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
श्रीबालाजी ज्वेलर्स शोरूम में करोड़ों की डकैती डालने के मामले में फरार चल रहे चौथे आरोपी को भी पुलिस ने हरियाणा के यमुनानगर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से डकैती के बाद मिले रुपये से खरीदा गया मोबाइल और 13.50 हजार रुपये बरामद हुए। गैंग का सरगना अभी हत्थे नहीं चढ़ पाया है। कई टीम आरोपी की तलाश में जुटी हुई हैं।
विज्ञापन
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल के मुताबिक एक सितंबर को ज्वेलरी शोरूम में पांच हथियारबंद बदमाशों ने डकैती डाली थी। रविवार देर रात मुठभेड़ के दौरान बदमाश सतेंद्र पाल उर्फ लक्की ढेर हो गया था। सोमवार दोपहर उसके दो साथी आरोपी गुरदीप सिंह उर्फ मोनी और जयदीप सिंह उर्फ माना को बहादराबाद क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया था।
विज्ञापन
मुख्य आरोपी सुभाष और अमन निवासी हत्थे नहीं चढ़ पाए थे। आरोपियों की धरपकड़ के लिए चार विशेष टीमों का गठन किया गया था। एसएसपी ने बताया कि प्रभारी रुड़की कोतवाली प्रभारी नरेंद्र बिष्ट, एसआई रणजीत तोमर, मुख्य आरक्षी राजवर्धन, मुकेश, सुनील व सतेंद्र को फरार आरोपी सुभाष और अमनदीप की तलाश में लगाया था।
विज्ञापन
टीम ने बुधवार की देर शाम आरोपी अमन कांबोज को खंडवा चौक यमुनानगर हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अमन को डकैती में शामिल होने की एवज में 50 हजार रुपये मिले थे। बाकी रकम माल के बंटवारे के बाद मिलनी थी। अमन ने इनमें से 25 हजार रुपये का मोबाइल फोन खरीदा। बाकी रुपये खर्च करने के बाद 13500 की नगदी बची।