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हरिद्वार में बन रही शक्तिमान की प्रतिमा
ब्यूरो/अमर उजाला हरिद्वार
Updated Fri, 27 May 2016 11:21 PM IST
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प्रिततिमा
- फोटो : अमर उजाला
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हरिद्वार। देहरादून में भाजपा के विधानसभा घेराव के दौरान टांग टूटने से घायल उत्तराखंड पुलिस के घोड़े शक्तिमान की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इसकी स्मृतियों को स्थायी रूप देने के लिए हरिद्वार के जाने माने मूर्तिकार फकीरचंद परीड़ा चार क्विंटल की प्रतिमा बना रहे हैं। जयराम आश्रम पीठाधीश्वर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी की ओर से बनवाई जा रही फाइबर की इस प्रतिमा को देहरादून के रिस्पना चौक पर स्थापित किया जाना है।
गौरतलब है कि 14 मार्च 2016 को भाजपा के विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस के घोड़े शक्तिमान की टांग टूट गई थी। उपचार के दौरान डाक्टरों को उसकी टांग काटनी पड़ी थी। उसके बाद भी शक्तिमान को बचाया नहीं जा सका। इसकी मौत को लेकर प्रदेश में भारी राजनीतिक उथल-पुथल मचा था। ड्यूटी के दौरान मारे गए शक्तिमान को शहीद के रूप में सम्मान दिया गया। राज्य की कैबिनेट, रिस्पना पुल चौक का नाम शक्तिमान के नाम पर रखने का प्रस्ताव भी पारित कर चुकी है। इस चौक पर शक्तिमान की साढ़े 12 फीट ऊंची प्रतिमा लगाई जानी है। इन दिनों प्रतिमा बनाने का काम हरिद्वार में चल रहा है।
कर्तव्य निष्ठा की मिसाल शक्तिमान: ब्रह्मस्वरूप
ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी का कहना है कि जिस तरह देश की सेवा करते हुए जवानों को शहीद का दर्जा दिया जाता है। उसी तरह शक्तिमान भी इसका हकदार है। हमें जानवरों से भी प्रेम करना चाहिए। शक्तिमान ने भी कर्तव्य पालन करते हुए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया है। बिना किसी भेदभाव के उसकी प्रतिमा बनवाकर स्थापित की जा रही है। ताकि लोग शक्तिमान की कर्तव्य निष्ठा को भी जान सकें।
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बारिश और धूप का नहीं पड़ेगा फर्क
मूलत: उड़ीसा के रहने वाले मूर्तिकार फकीरचंद परीड़ा ने बताया कि फाइबर से बनाई जा रही इस प्रतिमा की खासियत यह है कि इस पर बारिश, धूप आदि का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। हमेशा यह ऐसी ही रहेगी। कभी खराब नहीं होगी।
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गौरतलब है कि 14 मार्च 2016 को भाजपा के विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस के घोड़े शक्तिमान की टांग टूट गई थी। उपचार के दौरान डाक्टरों को उसकी टांग काटनी पड़ी थी। उसके बाद भी शक्तिमान को बचाया नहीं जा सका। इसकी मौत को लेकर प्रदेश में भारी राजनीतिक उथल-पुथल मचा था। ड्यूटी के दौरान मारे गए शक्तिमान को शहीद के रूप में सम्मान दिया गया। राज्य की कैबिनेट, रिस्पना पुल चौक का नाम शक्तिमान के नाम पर रखने का प्रस्ताव भी पारित कर चुकी है। इस चौक पर शक्तिमान की साढ़े 12 फीट ऊंची प्रतिमा लगाई जानी है। इन दिनों प्रतिमा बनाने का काम हरिद्वार में चल रहा है।
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कर्तव्य निष्ठा की मिसाल शक्तिमान: ब्रह्मस्वरूप
ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी का कहना है कि जिस तरह देश की सेवा करते हुए जवानों को शहीद का दर्जा दिया जाता है। उसी तरह शक्तिमान भी इसका हकदार है। हमें जानवरों से भी प्रेम करना चाहिए। शक्तिमान ने भी कर्तव्य पालन करते हुए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया है। बिना किसी भेदभाव के उसकी प्रतिमा बनवाकर स्थापित की जा रही है। ताकि लोग शक्तिमान की कर्तव्य निष्ठा को भी जान सकें।
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बारिश और धूप का नहीं पड़ेगा फर्क
मूलत: उड़ीसा के रहने वाले मूर्तिकार फकीरचंद परीड़ा ने बताया कि फाइबर से बनाई जा रही इस प्रतिमा की खासियत यह है कि इस पर बारिश, धूप आदि का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। हमेशा यह ऐसी ही रहेगी। कभी खराब नहीं होगी।