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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Guldar's death in the attack of villag

ग्रामीणों के हमले में गुलदार की मौत

Sat, 25 Mar 2017 09:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वर
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वर Updated Sat, 25 Mar 2017 09:42 PM IST
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सिडकुल थाना क्षेत्र के गांव रावली महदूद में गुस्साए ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से हमला कर गुलदार से दंपत्ति को छुड़वाया। इस दौरान पहले से ही घायल गुलदार की मौत हो गई। वन विभाग के अधिकारियों ने गुलदार के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। उधर घायल दंपत्ति को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।                
                   
शनिवार की तड़के करीब चार बजे एक गुलदार रावली महदूद गांव निवासी ओमपाल के घर में आ घुसा। इस दौरान मकान में किराये पर रह रहे जिला बिजनौर के नहटौर निवासी संतराम और उसकी पत्नी गुड्डी जागे हुए थे। गुलदार ने उन पर हमला बोल दिया। शोर सुनकर ओमी और एक अन्य युवक ने लाठी-डंडों से गुलदार पर वार कर संतराम और गुड्डी को गुलदार से छुड़वाया। इस बीच आसपास के लोग भी जुट गए। लाठी-डंडों के हमले में गुलदार की मौत हो गई। उधर संतराम और गुड्डी को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोनों के हाथ-पैर और सिर पर गुलदार के पंजे और दांत के निशान बने हुए हैं।
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सूचना पर मौके पर पहुंचे वन क्षेत्राधिकरी महेश प्रसाद सेमवाल और वन दारोगा ओपी सिंह ने गुलदार के शव को अपने कब्जे में ले लिया। वन क्षेत्राधिकरी कार्यालय पर डा. रिचा और डा. अशोक ने गुलदार के शव का पोस्टमार्टम किया। बाद में गुलदार के शव को जला दिया गया। वन अधिकारियों का कहना था कि गुलदार पर हमले के बारे में जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।   
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आधे घंटे तक गुलदार से किया संघर्ष                                    
दंपत्ति संतराम और गुड्डी करीब 30 मिनट तक गुलदार से संघर्ष करते रहे। संघर्ष के दौरान दोनों गंभीर रूप से घायल भी हो गए। पहले से घायल होने पर गुलदार अपने पूरी शक्ति के साथ हमला नहीं कर पाया। जिसके चलते दोनों की जान बच गई।
                                 
गुलदार के सीने पर घाव के निशान बने हुए है। संभत: यह निशान आपसी संघर्ष के दौरान बने होंगे। उसके शरीर पर पाए गए कुछ घाव करीब सप्ताह पुराने लग रहे थे। उसकी किड़नी भी खराब थी। जिसके चलते गुलदार सुरक्षित स्थान की तलाश में जंगल से निकलकर गांव में आ गया होगा। पोस्टमार्टम की रिपार्ट से ही गुलदार के मौत के करण स्पष्ट हो पाएंगे।                                 
- महेश प्रसाद सेमवाल, वन क्षेत्राधिकारी हरिद्वार वन प्रभाग                                     
                                    

                                   
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