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गौरव हत्याकांड का राज नहीं उगलवा पाई पुलिस
ब्यूरो/अमर उजाला हरिद्वार
Updated Mon, 23 May 2016 12:00 AM IST
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हरिद्वार। गौरव मलिक हत्याकांड की गुत्थी चौबीस घंटे से ज्यादा समय बीतने के बाद भी सुलझ नहीं पाई है। हत्यारोपी प्रॉपर्टी डीलर नीरज मलिक की कहानी पर पुलिस को एतबार भी नहीं हो रहा है। लेकिन असल कहानी उगलवाने में पुलिस अभी तक नाकाम साबित हुई है। जबकि आरोपी अब भी अपने दावे पर कायम हैं। रहे-रहे कर यही सवाल खड़ा हो रहा है कि गौरव भला अपने पहचान के नीरज की हत्या करने क्यों आएगा। उधर, आरोपी प्रॉपर्टी डीलर को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
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शनिवार सुबह ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के गोकुल धाम (सुभाष नगर) में गौरव पुत्र साहब सिंह गांव लाक, थाना पुगाना, जिला शामली की रॉड से हमला कर हत्या कर दी गई थी। हत्यारोपी प्रॉपर्टी डीलर नीरज का कहना है कि मृतक अपने साथी के साथ उसकी हत्या करने की नीयत से आया था और हाथापाई में रॉड उसके सिर पर लगने से सीढ़ियों से नीचे गिरने से उसकी मौत हो गई। लेकिन हत्यारोपी के कबूलनामा को पुलिस हजम नहीं कर पा रही है। पुलिस का मानना है पहली मंजिल पर बने कमरे तक लोहे की घुमावदार सीढ़ियां जाती हैं। बकौल नीरज की दरवाजे के पास खड़े गौरव ने उस पर फायर झोंका। इसमें वह बाल-बाल बच गया। उसके बाद उसकी उससे हाथापाई हुई। इसमें गौरव के सिर पर रॉड लगी और नीचे गिरने पर उसकी मौत हो गई। लेकिन पुलिस का दावा है कि यदि गौरव ऊपर से नीचे गिरा होता तो उसके शरीर पर चोट के निशान होना लाजिमी था। नीचे गिरने के दौरान उसकी हड्डी तक टूट सकती थी। लोहे की सीढ़ी छोटी होने के चलते वह उसमें भी फंस सकता था। लेकिन गौरव का शव सीढ़ी से दूर पड़ा हुआ था। सीढ़ी से उस स्थान तक के बीच कही भी खून के निशान नहीं थे। यदि हत्यारोपी आगे से वार करता तब उसके माथे पर रॉड का निशान होना था। लेकिन उसके सिर पर जो वार किए गए हैं वह सभी पीछे से किए हैं। सिर की टूटी हड्डी यह हकीकत बयां कर रही है। बकौल पुलिस ऐसा प्रतीत होता है कि गौरव को नीचे उतरने के बाद सिर पर रॉड मारी गई है। दूसरी यह बात भी पुलिस को तंग कर रही है कि भला गौरव इतनी दूर अवैध वसूली करने क्यों आएगा। जबकि वह एक ही गांव के हैं। अब तक पुलिस हत्यारोपी से हत्या की असल वजह मालूम नहीं कर पाई है। आरोपी के जेल जाने के बाद शायद अब असली राज कभी सामने नहीं आ पाएगा।
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नीरज के पिता ने ली थी गौरव की जमानत
हरिद्वार। गौरव मलिक हत्याकांड में परत दर परत खुलासा हो रहा है। दरअसल यह बात भी सामने आई है कि आरोपी प्रॉपर्टी डीलर नीरज मलिक के पिता की जमानत पर गौरव जेल से छूटा था। दोनों की अच्छी जान पहचान थी। गौरव का भाई सौरभ कुछ वर्ष पूर्व हरिद्वार में आकर नीरज के पास आकर भी रुका था। रविवार को यह सब जानकारी सामने आने पर स्थानीय पुलिस भौचक्की रह गई है।
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स्थानीय पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में प्रॉपर्टी डीलर नीरज ने कबूला था कि गौरव उसके गांव का ही था। उसकी अच्छी जान पहचान गौरव से नहीं थी और न उसके भाई सौरभ से उसकी दोस्ती है। लेकिन पड़ताल में यह बात निकलकर आई कि चाचा की हत्या के आरोप में जेल गए गौरव की जमानत नीरज के पिता ने ली है और दोनों परिवारों के बीच अच्छे संबंध हैं। ऐसे में भला आरोपी नीरज ने यह बात पुलिस से क्यों छिपाई। इसका कोई जवाब उसके पास नहीं है। करीब डेढ़ माह पूर्व गांव में एक विवाह समारोह में गए नीरज की गौरव से तू-तू मैं-मैं भी हुई थी। यही नहीं मुजफ्फरनगर जेल में कैद मृतका का बड़ा भाई सौरभ यहां कई बार आ जा चुका है। ऐसी भी चर्चा है कि चाचा की हत्या करने के बाद सौरभ कुछ दिन यहां छिपा था।
19 तारीख से हरिद्वार में था गौरव
हरिद्वार। गौरव मलिक 19 मई को हरिद्वार आ गया था। इसका खुलासा उसके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल से हुआ है और उसने शुक्रवार रात कई बार आरोपी से बात भी की थी। शनिवार को घटना के बाद पुलिस का फोकस कॉल डिटेल पर रहा। पुलिस ने मृतक की जेब से मिले उसके मोबाइल फोन का नंबर लेकर उसकी सीडीआर निकाली है। तब पता चला कि 19 मई से गौरव हरिद्वार में था। उसकी सुभाषनगर में रहने वाले गांव के ही दो भाईयों से कई बार बात हुई है। उसकी लोकेशन भी शहर के अलग-अलग क्षेत्रों की आई है। घटना वाले दिन गौरव की देर रात तक कई बार नीरज मलिक से बात हुई थी। पुलिस को उपलब्ध कराई गई बातचीत की रिकार्डिंग में गौरव यह बोल रहा है कि उसके पैसे दे दो। इधर, नीरज भी जवाब दे रहा है कि वह उसके पैसे दे देगा पर यह नहीं बोल रहा है कि आखिर किस बात के पैसे हैं।