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गंगा घाटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Wed, 22 Feb 2017 11:06 PM IST
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बुधवार को देश के विभिन्न भागों से करीब तीन लाख कांवड़िए हरिद्वार पहुंचे। हरकी पैड़ी सहित सभी गंगा घाट शिवभक्तों की भीड़ से पैक नजर आए। वापसी वाले सभी मार्गों पर दूर-दूर तक कांवड़ियों की लंबी लाइनें नजर आई।
बुधवार को सवेरे से ही उत्तर प्रदेश के अनेक जनपदों से कांवड़ियों का आना तेज हो गया था। गंगा पार के तमाम मैदानों में ही नहीं, बैरागी द्वीप तक कांवड़ियों की भीड़ नजर आई। हजारों कांवड़ियों ने भूपतवाला क्षेत्र में डेरा जमाया। बुधवार को ही राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली से हजारों की संख्या में कांवड़िए डाक वाहनों से हरिद्वार पहुंच गए। स्कूटर, मोटर साइकिलों और साइकिलों पर भी कांवड़ भरने के लिए शिवभक्त पहुंचते रहे। पुलिस प्रशासन ने वाहनों को शंकराचार्य चौक से पहले रोक दिया या फिर बैरागी द्वीप जाने दिया। गंगा के दूसरी ओर नील धारा के तट पर दूर तक कांवड़िए दिखाई दिए। बिजनौर की ओर जाने वाली छोटी नहर के किनारे से भी कांवड़िए जल भर रहे हैं।
आमतौर पर आखिरी दो दिनों में डाक वाहनों द्वारा ही कांवड़िए पहुंचते हैं। फाल्गुन के कांवड़ मेले में दूर के प्रांतों से डाक वाहन बहुत कम संख्या में आते थे। बुधवार को तो राजस्थान से ही सैकड़ों वाहन हरिद्वार पहुंच गए और साथ ही वापसी भी की। बृहस्पतिवार के दिन भी धर्मनगरी में कांवड़ियों की भारी भीड़ बने रहने की संभावना है।
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बुधवार को सवेरे से ही उत्तर प्रदेश के अनेक जनपदों से कांवड़ियों का आना तेज हो गया था। गंगा पार के तमाम मैदानों में ही नहीं, बैरागी द्वीप तक कांवड़ियों की भीड़ नजर आई। हजारों कांवड़ियों ने भूपतवाला क्षेत्र में डेरा जमाया। बुधवार को ही राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली से हजारों की संख्या में कांवड़िए डाक वाहनों से हरिद्वार पहुंच गए। स्कूटर, मोटर साइकिलों और साइकिलों पर भी कांवड़ भरने के लिए शिवभक्त पहुंचते रहे। पुलिस प्रशासन ने वाहनों को शंकराचार्य चौक से पहले रोक दिया या फिर बैरागी द्वीप जाने दिया। गंगा के दूसरी ओर नील धारा के तट पर दूर तक कांवड़िए दिखाई दिए। बिजनौर की ओर जाने वाली छोटी नहर के किनारे से भी कांवड़िए जल भर रहे हैं।
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आमतौर पर आखिरी दो दिनों में डाक वाहनों द्वारा ही कांवड़िए पहुंचते हैं। फाल्गुन के कांवड़ मेले में दूर के प्रांतों से डाक वाहन बहुत कम संख्या में आते थे। बुधवार को तो राजस्थान से ही सैकड़ों वाहन हरिद्वार पहुंच गए और साथ ही वापसी भी की। बृहस्पतिवार के दिन भी धर्मनगरी में कांवड़ियों की भारी भीड़ बने रहने की संभावना है।
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