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वन विभाग ने नहीं ली घायल दैनिक कर्मी की सुध
अमर उजाला ब्यूरो धनौरी
Updated Fri, 10 Mar 2017 09:20 PM IST
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शिकारियों की ओर से वनकर्मी से मारपीट के मामले मेें वन विभाग की लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि पीड़ित वनकर्मी को विभाग की ओर से 15 घंटे तक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। बाद में परिजन पीड़ित कर्मी को इलाज के लिए रुड़की एक निजी अस्पताल में ले गए।
मानूबास वन चौकी के गांव टांड़ा में प्लांटेंशन की रखवाली कर रहे दैनिक वनकर्मी को शिकारियों ने वन्य जीवों का शिकार करने से मना करने पर मारपीट कर घायल कर दिया था। घायल दैनिक वनकर्मी को बेहोशी की स्थिति में ग्रामीण उठाकर मानूबास वन चौकी पर लाकर विभाग को घटना के बारे में जानकारी दी थी। इलाज के नाम पर वन विभाग के कर्मचारियों ने घायल दैनिक वनकर्मी को गांव में ही इंजेक्शन लगवाकर अपनी और से इतिश्री कर ली थी। घायल दैनिक वनकर्मी पंद्रह घंटे तक चौकी पर तड़पता रहा।
अगले दिन सुबह उसके परिजनों ने उसे इलाज के लिए रुड़की के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। घायल वनकर्मी के परिजनों का कहना है कि उसके पैर के अंगूठे में फ्रैक्चर हैं। कोई भी वन कर्मचारी उसे देखने तक नही पहुंचा। विभाग के अधिकारी मनगढंत कहानी बनाकर मामलें में लीपापोती करने में लगे हैं। वहीं खानपुर रेंज के रेंजर अजय कुमार ध्यानी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
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मानूबास वन चौकी के गांव टांड़ा में प्लांटेंशन की रखवाली कर रहे दैनिक वनकर्मी को शिकारियों ने वन्य जीवों का शिकार करने से मना करने पर मारपीट कर घायल कर दिया था। घायल दैनिक वनकर्मी को बेहोशी की स्थिति में ग्रामीण उठाकर मानूबास वन चौकी पर लाकर विभाग को घटना के बारे में जानकारी दी थी। इलाज के नाम पर वन विभाग के कर्मचारियों ने घायल दैनिक वनकर्मी को गांव में ही इंजेक्शन लगवाकर अपनी और से इतिश्री कर ली थी। घायल दैनिक वनकर्मी पंद्रह घंटे तक चौकी पर तड़पता रहा।
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अगले दिन सुबह उसके परिजनों ने उसे इलाज के लिए रुड़की के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। घायल वनकर्मी के परिजनों का कहना है कि उसके पैर के अंगूठे में फ्रैक्चर हैं। कोई भी वन कर्मचारी उसे देखने तक नही पहुंचा। विभाग के अधिकारी मनगढंत कहानी बनाकर मामलें में लीपापोती करने में लगे हैं। वहीं खानपुर रेंज के रेंजर अजय कुमार ध्यानी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
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