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दक्षिणा देकर कन्याओं को कराया भोजन
hridwar uttrakhanda india
Updated Sun, 09 Oct 2016 11:59 PM IST
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कन्याओं को जिमाया
- फोटो : अमर उजाला
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दुर्गा अष्टमी के दिन समूची धर्मनगरी भगवतीमय हो गई। हर तरफ मां दुर्गा की भक्ति दिखाई दे रही थी। देवी के मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर दर्शन किया। घरों में चल रहे पाठों का समापन हुआ। पाठों के समापन पर यज्ञ भी कराए गए। अनेक स्थानों पर दुर्गा पाठों का समापन सोमवार को होगा।
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रविवार को दिन की शुरूआत देवी भागवत और दुर्गा सप्तशति के पाठों से हुई। जिन घरों में पहले नवरात्र से पाठ चल रहे थे, उन घरों में अंतिम पाठ किया गया। सभी 13 अध्यायों के पाठों के बाद यज्ञ कराए। मां भगवती की मंगल आरती उतारकर कन्याओं को भोजन कराया। आमतौर पर घरों में जितनी भी कन्याएं पहुंच जाती है, उन सभी को भोजन कराया जाता है। कुछ घरों में दुर्गा के नवरूपों की प्रतीक नौ कन्याओं को भोजन कराने की परंपरा है। प्रत्येक कन्या को शैलपुत्री से लेकर सिद्घिदात्री तक के स्वरूपों के अनुसार वस्त्र प्रदान किए जाते हैं। देवियों को यथोचित दान दक्षिणा प्रदान करने के बाद यज्ञ कराने वाले पंडितों को दक्षिणा प्रदान की गई।
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सिद्घपीठ मायादेवी के प्रांगण में विशाल यज्ञ का आयोजन किया गया। कन्याओं को भोजन कराने के उपरांत दिन में भी महामाया की आरती उतारी गई। मनसा देवी, चंडी देवी और सुरेश्वरी के मंदिरों में अष्ठमी पूजन का विशेष अनुष्ठान हुआ। सुरेश्वरी देवी पर सोमवार को यज्ञ होगा और हजारों लोगों के लिए खुले भंडारे का आयोजन किया गया है। मंदिर जाने के लिए ज्वालापुर, कनखल और हरिद्वार से वाहन भी उपलब्ध कराए गए हैं। शतचंडी यज्ञ का समापन सोमवार को ही होगा। इसी के साथ पंचपुरी के जिन स्थानों पर महाचंडी और शतचंडी के आयोजन चल रहे है वहां समापन भंडारे होंगे।
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