फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Fish farming in tankers with government help, farmers getting new employment

अनूठी पहल: सरकारी मदद से टैंकरों में मछली पालन, किसानों को मिल रहा नया रोजगार

Sun, 26 Jul 2026 05:41 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार Updated Sun, 26 Jul 2026 05:41 PM IST
विज्ञापन
Fish farming in tankers with government help, farmers getting new employment
- करीब 25 किसानों के दो क्लस्टर बनाकर रंगीन और खाद्य मछलियों का किया जा रहा पालन
विज्ञापन

- किसानों के समूहों ने शुरू किया रंगीन और खाने वाली मछली का पालन
- क्लस्टर में आठ किसान शामिल हैं, जिनमें चार महिलाएं और चार पुरुष हैं
बसंत कुमार
हरिद्वार। हरिद्वार में किसानों ने सरकारी सहायता से टैंकरों में मछली पालन की अनूठी पहल शुरू की है। ग्राम पंचायत भगतनपुर आबिदपुर स्थित चंद्रभागी मत्स्य सेवा केंद्र में करीब 25 किसानों के दो क्लस्टर बनाकर रंगीन और खाद्य मछलियों का पालन किया जा रहा है। इस परियोजना के लिए सरकार ने 50 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया है। खाद्य मछलियों की बिक्री उत्तराखंड के अलावा दिल्ली और उत्तर प्रदेश में की जा रही है, जबकि रंगीन मछलियां हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून और रुड़की के बाजारों तक पहुंच चुकी हैं। अगस्त के पहले सप्ताह से रंगीन मछलियों की बड़े स्तर पर बिक्री शुरू की जाएगी। मत्स्य पालन विभाग की सहायक निदेशक गरिमा मिश्रा ने बताया कि इस क्लस्टर में आठ किसान शामिल हैं, जिनमें चार महिलाएं और चार पुरुष हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में केवल हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर में ही टैंकरों के माध्यम से रंगीन मत्स्य पालन किया जा रहा है। क्लस्टर में गोल्डन फिश, ब्लैक शार्क, कोई कार्प और कबुतो कोई समेत चार प्रजातियों की रंगीन मछलियों का पालन किया जा रहा है।
------------

कोलकाता के बीज तैयार हो रही रंगीन मछली
कलस्टर के किसान प्रकाश सिंह पंचपाल ने बताया कि रंगीन मछली का बीज कोलकाता से लाया जा रहा है। 12 से 20 रुपये की दर से रंगीन मछली तैयार कर बेची जाती हैं। इन्हे बाजार में घर, ऑफिस, स्कूल, कॉलेज आदि स्थानों में एक्वेरियम में रखी जाता हैं। उन्होंने बताया कि बाजार में इन्हें 50 से 80 रुपये प्रति मछली तक बेचा जाता है। केंद्र को संचालित करने के लिए तीन लोगों को तैनात किया गया है, जो स्थायी रूप से केंद्र में तैनात रहते हैं।
विज्ञापन

-------------------------
विज्ञापन
विज्ञापन


किसानों की आय दोगुनी करने के लिए टैंकरों के जरिये मत्स्य पालन का कार्य शुरू कराया गया है। उम्मीद है कि किसानों का कलस्टर नई विधि से मछली का कारोबार कर सफलता प्राप्त करेगा।
डाॅ. ललित नारायण मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी, हरिद्वार
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed