{"_id":"5d277f9a8ebc3e6cbf3f4503","slug":"fines-on-municipal-assistant-commissinoer-haridwar-news-drn3126228188","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त पर दस हजार का जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त पर दस हजार का जुर्माना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा मांगी गई सूचनाएं समय से उपलब्ध न कराने नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त पर दस हजार जुर्माना लगाया गया है। मुख्य सूचना आयुक्त शत्रुघ्न सिंह ने इस संबंध में आदेश किया है। नगर आयुक्त को आदेश के अनुपालन के निर्देश दिए गए हैं। जुर्माना राशि सहायक नगर आयुक्त के नवंबर माह के वेतन से काटी जाएगी।
मोती बाजार, हरिद्वार निवासी आरटीआई कार्यकर्ता जगदीश गुप्ता ने पिछले साल नौ जून को नगर निगम के लोक सूचना अधिकारी से आठ बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। आरोप है कि समय से सूचना नहीं दी गई। विभागीय अपीलीय अधिकारी/लोक सूचना अधिकारी नूपुर वर्मा द्वारा भी प्रार्थना-पत्र का 45 दिन तक निस्तारण नहीं करने के कारण आरटीआई कार्यकर्ता ने उत्तराखंड सूचना आयोग में द्वितीय अपील की थी।
सहायक नगर आयुक्त संजय कुमार ने वहां लिखित स्पष्टीकरण दिया, लेकिन उससे अंसतुष्ट होकर मुख्य सूचना आयुक्त की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया था। कर एवं राजस्व निरीक्षक नवीन कुमार और राजस्व अधीक्षक सुनीता सक्सेना को भी नोटिस भेजकर उपस्थित होने तथा जवाब देने को कहा गया। इस पर दो जुलाई को कर अनुभाग के दोनों अधिकारियों द्वारा लिखित रूप से माफी मांगने के साथ ही प्रथम बार गलती होने पर क्षमा याचना की गई। इसे आयोग ने स्वीकार किया, लेकिन सहायक नगर आयुक्त को समय पर सूचना न देने के कारण दस हजार रूपए का जुर्माना लगाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मोती बाजार, हरिद्वार निवासी आरटीआई कार्यकर्ता जगदीश गुप्ता ने पिछले साल नौ जून को नगर निगम के लोक सूचना अधिकारी से आठ बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। आरोप है कि समय से सूचना नहीं दी गई। विभागीय अपीलीय अधिकारी/लोक सूचना अधिकारी नूपुर वर्मा द्वारा भी प्रार्थना-पत्र का 45 दिन तक निस्तारण नहीं करने के कारण आरटीआई कार्यकर्ता ने उत्तराखंड सूचना आयोग में द्वितीय अपील की थी।
विज्ञापन
सहायक नगर आयुक्त संजय कुमार ने वहां लिखित स्पष्टीकरण दिया, लेकिन उससे अंसतुष्ट होकर मुख्य सूचना आयुक्त की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया था। कर एवं राजस्व निरीक्षक नवीन कुमार और राजस्व अधीक्षक सुनीता सक्सेना को भी नोटिस भेजकर उपस्थित होने तथा जवाब देने को कहा गया। इस पर दो जुलाई को कर अनुभाग के दोनों अधिकारियों द्वारा लिखित रूप से माफी मांगने के साथ ही प्रथम बार गलती होने पर क्षमा याचना की गई। इसे आयोग ने स्वीकार किया, लेकिन सहायक नगर आयुक्त को समय पर सूचना न देने के कारण दस हजार रूपए का जुर्माना लगाया गया।
विज्ञापन