फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Fine of ten thousand imposed on Information Officer.

Haridwar News: प्राधिकरण के सूचना अधिकारी पर दस हजार रुपये का जुर्माना

Wed, 14 Oct 2026 05:23 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 14 Oct 2026 05:23 PM IST
विज्ञापन
Fine of ten thousand imposed on Information Officer.
- सूचना देने में देरी और भ्रामक जानकारी उपलब्ध कराने का आरोप
विज्ञापन

- आरटीआई क्लब के सदस्य ने आयोग में की थी मामले की शिकायत
माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। सूचना आयोग ने हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण के लोक सूचना अधिकारी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना सूचना देने में देरी और भ्रामक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए लगाया गया है। आयोग ने उपाध्यक्ष हरिद्वार विकास प्राधिकरण को भी मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि आरटीआई क्लब उत्तराखंड के सदस्य अजीत सिंह चौहान ने यह शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने हरिद्वार की आवासीय कॉलोनियों में नियम विरुद्ध बने बहुमंजिला होटलों के खिलाफ उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी। वर्ष 2024 में प्राधिकरण ने उच्च न्यायालय में शपथपत्र दिया था कि गायत्री विहार कॉलोनी का भू-उपयोग व्यावसायिक हो गया है। इस पर अजीत सिंह ने प्राधिकरण से भू-उपयोग परिवर्तन से संबंधित तीन बिंदुओं पर सूचना मांगी थी।
विज्ञापन

आरोप है कि प्राधिकरण के लोक सूचना अधिकारी ने निर्धारित अवधि के बाद 36 दिन की देरी की और प्रथम अपील के बाद अतिरिक्त शुल्क की मांग की। उन्होंने 29 जुलाई, 2025 को आवेदक को भ्रामक सूचना भेजी। दूसरी अपील के बाद भी 28 अक्तूबर, 2025 को वही भ्रामक सूचना दोबारा भेजी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

मामले की सुनवाई करते हुए आयुक्त दलीप सिंह कुंवर की चेतावनी के बाद तत्कालीन सचिव 23 जनवरी, 2026 को आयोग में उपस्थित हुए। उन्होंने बताया कि गायत्री विहार का भू-उपयोग आवासीय से व्यावसायिक में बदलने का कोई दस्तावेज प्राधिकरण के पास नहीं है।

---
उच्च न्यायालय में दिया गया गलत शपथपत्र
सचिव की दी गई जानकारी से स्पष्ट हुआ कि हरिद्वार विकास प्राधिकरण ने उच्च न्यायालय उत्तराखंड में गलत शपथपत्र दाखिल किया था। यह मामला अभी भी उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। आयोग ने लोक सूचना अधिकारी प्रशांत सेमवाल को विलंब और भ्रामक सूचना देने का दोषी पाया। उन पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। प्रशांत सेमवाल ने आयोग को बताया कि सूचना आवेदन 7 मई, 2025 को विभाग में प्राप्त हुआ था। हालांकि, उन्हें यह आवेदन 13 मई, 2025 को मिला। इस देरी की विभागीय जांच के लिए उपाध्यक्ष हरिद्वार विकास प्राधिकरण को निर्देश दिए गए हैं। यह जांच लोक सूचना अधिकारी के स्तर पर हुई देरी और कार्रवाई से संबंधित होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed