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पुण्य मुहूर्त पर भर गया था आस्था पथ
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Fri, 15 Jan 2016 12:17 AM IST
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हरिद्वार। अर्द्धकुंभ के पहले स्नान के लिए श्रद्धालुओं का आना एक दिन पहले ही शुरू हो गया था। पूरी रात अलग-अलग वाहनों से श्रद्धालुओं के जत्थे पहुंचते रहे। कुछ होटलों और धर्मशालाओं में ठहरे हुए थे तो काफी संख्या में लोग सीधे ही गंगा तट पर पहुंचे। बृहस्पतिवार तड़के करीब चार बजे जैसे ही स्नान का मुहूर्त हुआ तो सभी के कदम पुण्य लाभ कमाने के लिए हरकी पैड़ी की तरफ बढ़ने लगे। मां गंगा के तट पर पहुंचकर हर श्रद्धालु अपने आप को धन्य महसूस कर रहा था।
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पहला स्नान होने के कारण सरकारी अधिकारी और कर्मचारी तो आधी रात के बाद से ही घाटों पर दिखने लगे थे लेकिन श्रद्धालुओं का आवागमन करीब तीन बजे से शुरु हुआ। चार बजे के आसपास तो घाटों पर काफी रौनक बनने लगी थी। मंदिरों में बज रहे घंटे घड़ियालों और मां गंगा की कर्णप्रिय आरती श्रद्धालुओं को भक्तिरस में डूबो रही थी। हर हर गंगे और गंगा मैया के जयकारों के साथ श्रद्धालुओं की भीड़ हर तरफ से हरकी पैड़ी की तरफ उमड़ती रही। हरकी पैड़ी क्षेत्र के मंदिरों में भी खूब सजावट की गई है। गंगा स्नान के बाद मंदिरों में पहुंचकर श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। हरकी पैड़ी, सु़भाष घाट, मालवीय द्वीप, गऊघाट, कुशाघाट, के अलावा चित्रकूट घाट, सर्वानंद घाट आदि पर भी आध्यात्मिक आयोजन दिनभर चलते रहे।
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घाटों पर यज्ञोपवीत और मुंडन संस्कार
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। मकर संक्रांति स्नान करने के बाद हजारों श्रद्धालुओं ने कुशावर्त घाट जाकर यज्ञोपवीत और मुंडन संस्कार संपन्न कराए। मुख्य पर्व काल शुक्रवार को होने के कारण एक बार फिर से सवेरे श्रद्धालुओं की भीड़ जुटेगी।
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मकर संक्रांति पर स्नान के पश्चात शुभ कर्मों का विशेष महत्व है। श्रद्धालुओं ने तिल और गुड़ से बने मिष्ठान्नों का दान किया। चावल और खिचड़ी का दान भी गंगा तटों पर हुआ। शुक्रवार को पर्वतीय क्षेत्रों से आए श्रद्धालु मकर संक्रांति मनाएंगे। अनेक श्रद्धालुओं ने पितृ निमित्त तर्पण और जल दान किया। अपने पुरोहितों की बहियों में नाम दर्ज कराने के उपरांत तिल आदि से बने पदार्थ दान दिए।
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आज होंगे खिचड़ी और लड्डू भोज
हरिद्वार। मकर संक्रांति के दिन धर्मनगरी के अनेक आश्रमों और मठों में खिचड़ी भोज आयोजित किए जाएंगे। तिल से बने मीठे लड्डुओं का भोग गंगा मैया को लगाकर प्रसाद वितरित किया जाएगा। गुरुवार को भी कुछ स्थानों पर खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया। अलबत्ता शुक्रवार को इन भोजों की संख्या अधिक रहेगी।