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मुठभेड़ पर राजनीति ठीक नहीं: गिरि
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Sat, 05 Nov 2016 10:43 PM IST
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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी नरेंद्र गिरि महाराज ने भोपाल जेल (मध्यप्रदेश) से फरार आठ आतंकियों के मुठभेड़ में मारे जाने की घटना पर देशभर में चल रही राजनीति को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। कहा कि राष्ट्रहित के किसी भी मुद्दे पर राजनीति ठीक नहीं है। इस मुद्दे को तूल देना ठीक नहीं है।
शनिवार को दक्षिण काली मंदिर में पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर कैलाशानंद ब्रह्मचारी के साथ पत्रकारों से वार्ता करते हुए महंत नरेंद्र गिरि महाराज ने कहा कि आतंकवादियों को मुठभेड़ में मारे जाने की घटना पर भी यदि राजनीति होगी तो यह देश के हित में नहीं है। आतंकवादी किसी धर्म और वर्ग के नहीं होते। यदि वे भाग जाते तो बड़ी घटना को अंजाम देते। ऐसे में इस मुद्दे को उछालाना ठीक नहीं है। उन्होंने बताया कि सात नवंबर को हरिद्वार में होने वाली अखाड़ा परिषद की बैठक में उत्तराखंड सरकार की ओर से धार्मिक संपत्तियों पर अतिरिक्त कर लगाए जाने का मुद्दा उठाया जाएगा। कांग्रेस हमेशा अध्यात्मिक संस्थाओं की हितैषी रही है।
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के समय में भी एक बार आश्रमों और मठों पर कर लगाया था। लेकिन मां आनंदमयी के कहने पर वापस ले लिया था। संत मुख्यमंत्री हरीश रवत से मिलेंगे और उनसे अतिरिक्त कर वापस लेने की मांग करेंगे। उन्होंने दक्षिण कालीपीठाधीश्वर कैलाशानंद और तेजेंद्र कौर के बीच चल रहे गतिरोध के निपटने का भी स्वागत किया।
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शनिवार को दक्षिण काली मंदिर में पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर कैलाशानंद ब्रह्मचारी के साथ पत्रकारों से वार्ता करते हुए महंत नरेंद्र गिरि महाराज ने कहा कि आतंकवादियों को मुठभेड़ में मारे जाने की घटना पर भी यदि राजनीति होगी तो यह देश के हित में नहीं है। आतंकवादी किसी धर्म और वर्ग के नहीं होते। यदि वे भाग जाते तो बड़ी घटना को अंजाम देते। ऐसे में इस मुद्दे को उछालाना ठीक नहीं है। उन्होंने बताया कि सात नवंबर को हरिद्वार में होने वाली अखाड़ा परिषद की बैठक में उत्तराखंड सरकार की ओर से धार्मिक संपत्तियों पर अतिरिक्त कर लगाए जाने का मुद्दा उठाया जाएगा। कांग्रेस हमेशा अध्यात्मिक संस्थाओं की हितैषी रही है।
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पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के समय में भी एक बार आश्रमों और मठों पर कर लगाया था। लेकिन मां आनंदमयी के कहने पर वापस ले लिया था। संत मुख्यमंत्री हरीश रवत से मिलेंगे और उनसे अतिरिक्त कर वापस लेने की मांग करेंगे। उन्होंने दक्षिण कालीपीठाधीश्वर कैलाशानंद और तेजेंद्र कौर के बीच चल रहे गतिरोध के निपटने का भी स्वागत किया।
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