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खेतों में घुसा हाथियों का झुंड, फसलें चौपट
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बिशनपुर में हाथियों की और से नष्ट की गई गन्ने की फसल ।
- फोटो : HARIDWAR
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क्षेत्र के कई गांवों के खेतों मंगलवार की रात को हाथियों का झुंड आ धमका। हाथियों ने रातभर गेहूं और सरसों की फसल को रौंद दिया। गन्ने की फसल को चट कर दिया। किसानों को नुकसान का पता बुधवार की सुबह को लगा। किसानों को एकत्र होकर किसी तरह से हाथियों को जंगलों की तरफ खदेड़ा।
मंगलवार की रात को हाथियों का झुंड राजाजी टाइगर रिजर्व से निकलकर बिशनपुर, पुरानी कुंडी, चांदपुर, कटारपुर और रानीमाजरा में खेतों में आ धमका। हाथियों ने गेहूं, सरसों और गन्ने की फसलों को चौपट कर दिया। किसान नूतन कुमार, नीशू सैनी, नृसिंह, सुखदेव पाल, सुशील सैनी, मोहित सैनी, बिजेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से हाथी गंगा पार से आकर खेतों में फसलों का नुकसान कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि वन विभाग की तरफ से गश्त नहीं करने के कारण हाथी खेतों की तरफ आ रहे हैं। हाथियों का झुंड दिन ढलते ही खेतों में पहुंच रहे हैं। किसानों को जान जोखिम में डालकर खुद ही खेतों से हाथियों को भगाना पड़ रहा है। हरिद्वार रेंज के रेंजर दिनेश नौड़ियाल का कहना है कि वन विभाग की टीम रात को गश्त कर रही है। उन्होंने बताया कि कई बार कर्मचारी दूसरे रूट पर होते हैं और हाथी दूसरी जगह से खेतों में घुस जाते हैं।
सड़क पर घूम रही हथिनी को पटाखे फोड़कर भगाया
लालढांग गैंडीखाता मार्ग पर एक हथिनी ने जाम लगा दिया। दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। मंगलवार शाम सात बजे हथिनी सड़क पर आ गई। नौ बजे तक हथिनी सड़क पर इधर उधर घूमती रही। इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालक हथिनी के जंगल में जाने का इंतजार करते रहे। वाहन चालकों ने इसकी सूचना पुलिस और वन विभाग को दी गई। वन चौकी से सेक्शन अधिकारी रविंद्र गुसाई और बीट अधिकारी शूर सिंह रावत अन्य कर्मियों के साथ पहुंचे। पटाखे फोड़कर हाथी को जंगल की खदेड़ा। बीट अधिकारी शूर सिंह ने बताया कि रात भर हथिनी सड़क पर घूमती रही। रात एक बजे जंगल से कटेबड़ गुरुद्वारा के आसपास गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया। इसके बाद हथिनी ने गन्ना सेंटर पर गन्ना खाया। उन्होंने इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की। संवाद
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मंगलवार की रात को हाथियों का झुंड राजाजी टाइगर रिजर्व से निकलकर बिशनपुर, पुरानी कुंडी, चांदपुर, कटारपुर और रानीमाजरा में खेतों में आ धमका। हाथियों ने गेहूं, सरसों और गन्ने की फसलों को चौपट कर दिया। किसान नूतन कुमार, नीशू सैनी, नृसिंह, सुखदेव पाल, सुशील सैनी, मोहित सैनी, बिजेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से हाथी गंगा पार से आकर खेतों में फसलों का नुकसान कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि वन विभाग की तरफ से गश्त नहीं करने के कारण हाथी खेतों की तरफ आ रहे हैं। हाथियों का झुंड दिन ढलते ही खेतों में पहुंच रहे हैं। किसानों को जान जोखिम में डालकर खुद ही खेतों से हाथियों को भगाना पड़ रहा है। हरिद्वार रेंज के रेंजर दिनेश नौड़ियाल का कहना है कि वन विभाग की टीम रात को गश्त कर रही है। उन्होंने बताया कि कई बार कर्मचारी दूसरे रूट पर होते हैं और हाथी दूसरी जगह से खेतों में घुस जाते हैं।
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सड़क पर घूम रही हथिनी को पटाखे फोड़कर भगाया
लालढांग गैंडीखाता मार्ग पर एक हथिनी ने जाम लगा दिया। दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। मंगलवार शाम सात बजे हथिनी सड़क पर आ गई। नौ बजे तक हथिनी सड़क पर इधर उधर घूमती रही। इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालक हथिनी के जंगल में जाने का इंतजार करते रहे। वाहन चालकों ने इसकी सूचना पुलिस और वन विभाग को दी गई। वन चौकी से सेक्शन अधिकारी रविंद्र गुसाई और बीट अधिकारी शूर सिंह रावत अन्य कर्मियों के साथ पहुंचे। पटाखे फोड़कर हाथी को जंगल की खदेड़ा। बीट अधिकारी शूर सिंह ने बताया कि रात भर हथिनी सड़क पर घूमती रही। रात एक बजे जंगल से कटेबड़ गुरुद्वारा के आसपास गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया। इसके बाद हथिनी ने गन्ना सेंटर पर गन्ना खाया। उन्होंने इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की। संवाद
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